मिठाई कारोबारी की दुकान पर सोमवार रात बमबाजी के विरोध में मंगलवार को रामापुर बाजार बंद रहा। घटना से आक्रोशित व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद कर विरोध जताया। प्रदर्शन करते हुए व्यापारी धरने पर बैठ गए।
आरोपियों की गिरफ्तारी समेत व्यापारी व उसके परिवार की सुरक्षा की मांग उठाई। इस दौरान पुलिस से व्यापारियों की तकरार भी हुई। सीओ रानीगंज व मुख्यालय से पहुंचे व्यापारी नेताओं के बीच हुई वार्ता के बाद धरना स्थगित किया गया। व्यापारियों ने करीब दस घंटे बाद अपनी दुकानें खोलकर कारोबार शुरू किया।
घटना के विरोध में बाजार के आक्रोशित व्यापारी मंगलवार की सुबह अपने प्रतिष्ठान बंद कर धरने पर बैठ गए। व्यापारी आरोपियों की गिरफ्तारी, पीड़ित व उसके परिवार की सुरक्षा और बाजार में 24 घंटे तक पुलिस बल तैनात किए जाने की मांग करते रहे। व्यापारियों को समझाने पहुंचे पुलिसकर्मियों की उनसे तकरार भी हुई।
हालांकि धरने पर बैठे व्यापारियों ने स्थानीय पुलिस से बात करने से मना कर दिया। जिसके चलते रामापुर बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। दूर दराज से बाजार आने वाले खरीदारों को खाली हाथ लौटना पड़ा। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि घटना के समय पुलिस पिकेट के सिपाही कहां थे। यदि बाजार में पुलिस की मौजूदगी होती तो घटना न होती।
दोपहर में व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेंद्र केसरवानी अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ रामापुर बाजार पहुंचे। उनकी मौजूदगी में सीओ रानीगंज विनय प्रभाकर साहनी से व्यापारियों के मुद्दों पर बातचीत होती रही। धरने पर बैठे व्यापारियों को हर संभव मदद का सीओ ने भरोसा दिलाया। बताया कि तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जिसके बाद व्यापारियों का धरना समाप्त हो गया।
इस मौके पर अध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा, महामंत्री अमित कुमार सुभाषचंद्र पटेल, फरिदा बेगम, शान मोहम्मद, राम अवध यादव, अनिल कुमार, विपिन पांडेय, अंकित दुबे, राजकुमार, रामजी, श्यामबाबू समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
क्या है मामला
वाराणसी- लखनऊ राजमार्ग पर फतनपुर थाना क्षेत्र के रामापुर बाजार में विजय कुमार उमरवैश्य उर्फ दारा सेठ की मिठाई की दुकान है। सोमवार की रात फ्लाईओवर से बाइक सवार बदमाशों ने उनकी दुकान पर बमबाजी की थी। जिससे उनकी कार क्षतिग्रस्त हो गई थी। वहां मौजूद लोग बाल-बाल बच गए। एक जिंदा बम बरामद कर पुलिस ने निष्क्रिय कराया था। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। सीसीटीवी भी खंगालने का काम किया गया। रात में ही फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का जायजा लेकर साक्ष्य के लिए कुछ नमूने एकत्र किए थे।