शहर के सिविल लाइन मीराभवन रोड पर सोमवार की रात अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल युवक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। परिजन चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करते रहे। पुलिस ने किसी तरह सभी को शांत कराकर शव कब्जे में लिया।परिजनों ने प्राचार्य को शिकायती पत्र देकर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
नगर कोतवाली के मीराभवन निवासी रवि (33) सोमवार देर रात घर से किराना स्टोर पर समान खरीदने जा रहा था। इस बीच अज्ञात वाहन की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। रवि को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। सूचना पाकर परिजन भी अस्पातल पहुंच गए। मेडिकल आफिसर ने रवि को भर्ती कर प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देख एसआरएन रेफर कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज के जेआर डॉ. आदित्य और डॉ. राजकमल वहां पहुंचे। उन्होंने मरीज को एसआरएन अस्पताल भेजने से मना करते हुए इमरजेंसी से हटाकर सर्जिकल वार्ड में शिफ्ट करा दिया।
सर्जिकल वार्ड में घायल रवि को शिफ्ट कराने के बाद चिकित्सक उसे देखने नहीं आए। मंगलवार की सुबह घायल रवि की सांसें थम गईं। जानकारी होने पर डॉक्टर पहुंचे और शव को घर भेजने का प्रबंध करने लगे। यह देख आक्रोशित परिजन हंगामा करते हुए डॉक्टरों को खरीखोटी सुनाने लगे।
हंगामे की खबर पर पहुंची पुलिस ने सभी को समझाबुझाकर शांत कराया। मृतक के पिता सत्यनारायण ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि रेफर होने के बाद भी उसके बेटे को जबरन सर्जिकल वार्ड में भर्ती किया गया। जबकि परिजनों ने उसे ले जाने के लिए एंबुलेंस वाहन बुला लिया था।