विनोद और पुष्पेंद्र दोनों पहुंचे थे समर्थन मांगने
राजा भैया का फैसला भाजपा के लिए जोर का झटका माना जा रहा है। कयास लगाया जा रहा था कि बेंगलुरु में गृहमंत्री से मुलाकात के बाद राजा भैया नरम पड़ सकते हैं। हालांकि राजा भैया ने समर्थकों को बताया कि उनके पा समर्थन मांगने के लिए सपा प्रत्याशी पुष्पेंद्र व भाजपा प्रत्याशी विनोद सोनकर दोनों ही आए थे। दोनों नेताओं को अपनी इच्छा से अवगत भी कराया।
समर्थकों से कहा कि लोकसभा चुनाव आया तो किन्हीं कारणों से दूसरे दलों से गठबंधन नहीं हो सका। जिसके बाद यह भी फैसला हुआ कि जनसत्ता दल के झंड़े तले चुनाव नहीं लड़ा जाएगा। जब कोई प्रत्याशी लड़ाया जाता है तो लोगों की राय ली जाती है। हार जीत पर कार्यकर्ताओं का सम्मान जुड़ा रहता है।
राजा भैया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जनसत्ता दल का कोई प्रत्याशी कौशांबी व प्रतापगढ़ संसदीय सीट से चुनाव नहीं लड़ रहा है। समर्थकों व पार्टी के नेताओं से राय के बाद यह निर्णय लिया गया। फिलहाल राजा भैया के फैसले का असर कौशांबी, प्रतापगढ़ समेत प्रयागराज की सीटों पर भी पड़ सकता है। इस मौके पर एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी, बाबागंज विधायक विनोद सरोज, पूर्व सांसद शैलेंद्र कुमार, पूर्व चेयरमैन सहकारी बैंक डॉ. केएन ओझा और जिला प्रभारी राम अचल वर्मा समेत अन्य नेता मौजूद रहे।
होता रहा शंखनाद
राजा भैया के भाषण के बीच ब्राह्मण समाज के लोग शंख बजाकर शंखनाद करते रहे। युवा जोश में नारे लगाते रहे। जिन्हें राजा भैया मना करते हुए अपनी बात पूरी करते रहे।
समर्थकों की बैठक से पहले बेंती पहुंचे केंद्रीय मंत्री संग कौशांबी भाजपा प्रत्याशी
लोकसभा चुनाव को लेकर समर्थकों की बेंती कोठी में बैठक बुलाई गई थी। जिसमे शामिल होने के लिए समर्थक एकत्र भी हो रहे थे। इस बीच कौशांबी से भाजपा प्रत्याशी विनोद सोनकर को लेकर केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान राजा भैया से मिलने बेंती पहुंचे। करीब आधे घंटे तक उनके बीच बातचीत हुई। जहां भाजपा प्रत्याशी विनोद सोनकर ने आशीर्वाद मांगा। जवाब मिला कि कार्यकर्ताओं की बैठक में तय होगा कि जनसत्ता दल लोकसभा चुनाव में किसे अपना समर्थन देगी।
राजा भैया से समर्थन मांगने पहुंचे पुष्पेंद्र
कौशांबी लोकसभा चुनाव मैदान में उतरे सपा प्रत्याशी पुष्पेंद्र सरोज ने भी मंगलवार की सुबह राजा भैया से मुलाकात कर समर्थन मांगा। करीब पंद्रह मिनट तक उनके बीच बातचीत होती रही। करीबियों ने बताया कि राजा भैया ने जवाब दिया कि कार्यकर्ताओं से बातचीत के बाद ही कोई फैसला होगा।