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पंडितों, पुरोहितों के चेहरे पर लौटी रौनक, सात महीने बाद शुरू होगी कमाई

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ट्रेजरी चौराहा स्थित हनुमान मंदिर में विश्व कल्याण व कोरोना से लिए सामूहिक रूद्राभिषेक करते ब्र - फोटो : PRATAPGARH
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कोरोना काल में आर्थिक तंगी से जूझ रहे पंडित, पुरोहितों एवं कथावाचकों के चेहरे पर सात महीने बाद मुस्कान देखने को मिली है। सामूहिक अनुष्ठान, यज्ञ, कथा, दुर्गापूजा पंडाल, रामलीला मंचन के आयोजनों का रास्ता साफ होने से पंडित, पुरोहितों के चेहरे खिल उठे हैं।
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चैत्र नवरात्र, सावन, गणेश उत्सव में कमाई न होने से निराश पंडित, पुरोहित अब यजमानों से संपर्क साधने लगे हैं। कार्यक्रमों की रूपरेखा एवं मुहूर्त तय करने लगे हैं।
कोरोना वायरस के चलते पंडित-पुरोहितों को काफी नुकसान झेलना पड़ा था। 25 मार्च से लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद मंदिरों के पट बंद हो गए। सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति काफी सख्ती दिखाई गई।
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चैत्र नवरात्र के ऐन मौके पर लॉकडाउन के निर्णय से पंडित, पुरोहितों एवं ज्योतिषाचार्यों को तगड़ा का झटका लगा। कमाई पर ब्रेक लग गया। पूजन, अनुष्ठान, यज्ञ, कथा, मंदिरों में दर्शन-पूजन तक की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद सावन में एक महीने तक यही हाल रहा। सख्ती बरकरार रही। गणेश महोत्सव भी नहीं मनाया गया। न ही पंडाल सजाए जाने की अनुमति मिली।
अब सभी की निगाहें शारदीय नवरात्र पर टिकी थीं। कार्यक्रमों को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी थी। आचार्य पंडित आलोक मिश्रा ने बताया कि अब शासन की गाइडलाइन जारी होने से पंडित, पुराहितों के चेहरे पर मुस्कान लौटी है। नवरात्र में शहर से लेकर गांव तक दुर्गापूजा पंडाल, रामलीला मंचन, अनुष्ठान, यज्ञ, कथा के खूब आयोजन होते हैं। इससे आर्थिक स्थिति काफी हद तक सुधर जाती है।
इसके बाद शादी-विवाह आदि के कार्यक्रमों के जरिए कमाई कर सात महीने की भरपाई की जाएगी। चंद्रिकन देवीधाम के आचार्य चंद्रिका प्रसाद ने कहा कि कोराना काल में पंडित- पुरोहित आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे, अब गाइडलाइन जारी होने से काफी राहत मिलेगी।
शहर निवासी आचार्य दीपक ने बताया कि कोरोना काल के दौरान पंडितों एवं पुरोहितों को काफी परेशान होना पड़ा। आचार्य प्रभाकरनाथ पांडेय ने बताया कि कोरोना के चलते काफी नुकसान हुआ है। हालांकि अब कार्यक्रमों के शुरू होने के बाद काफी राहत मिलेगी। गड़वारा के आचार्य प्रदीप शुक्ला व बाबूगंज के आचार्य आनंद ने बताया कि सीएम योगी द्वारा नवरात्र से पहले गाइडलाइन जारी करने से पंडितों को काफी राहत मिली है।
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