जिले में बगैर मान्यता के चलने वाले स्कूलों पर बेसिक शिक्षा विभाग की नजरें तिरछी हो गई हैं। विभाग अवैध रूप से संचालित स्कूलों में ताला लटकाने की तैयारी कर रहा है। बीईओ से ऐसे स्कूलों की जानकारी मांगी गई है। बगैर मान्यता के चल रहे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का निकट के स्कूलों में दाखिला कराया जाएगा।
जिले मेें दो साल बाद एक बार फिर अवैध स्कूलों पर बेसिक शिक्षा विभाग की नजरें घूम गई हैं। शिक्षकों और विभागीय अधिकारियों का मानना है कि बगैर मान्यता के चलने वाले स्कूलों को बंद कराकर उनमें नामांकित बच्चों का सरकारी स्कूलों में प्रवेश कराया जा सकता है। विभाग इस पर अमल करने की तैयारी में जुट गया है। अब खंड शिक्षा अधिकारियों से यह सूचना मांगी गई है कि किस ब्लॉक में कितने अवैध स्कूल संचालित हैं और उन स्कूलों में कितने बच्चे पढ़ रहे हैं।
शहरी और ग्रामीण इलाकों में बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए इन दिनों स्कूल चलो अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत शिक्षक घर-घर अभिभावकों के संपर्क कर रहे हैं। मगर इसके बाद भी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में अपेक्षाकृत बच्चों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है। विभाग की नजर अब ऐेसे स्कूलों पर है, जो ग्रामीण इलाकों में उनके प्राइमरी और मिडिल स्कूलों को प्रभा वित कर रहे हैं।
मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन
बेसिक शिक्षा विभाग ने मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए पोर्टल विकसित किया है। ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करने के तीन दिन बाद बीएसए खंड शिक्षा अधिकारी को स्कूल के निरीक्षण करने के लिए निर्देशित करेंगे। खंड शिक्षा अधिकारी स्कूल का मुआयना कर अपनी निरीक्षण रिपोर्ट बीएसए को सौंपेंगे। आपत्ति की स्थिति में तीन दिन के अंदर स्कूल के प्रबंधन को सूचना देनी होगी। आपत्ति मिलने के सात दिनों बाद प्रबंधन को उन आपत्तियों का निवारण करना होगा।
कोरोना काल के बाद घट गई स्कूलों की संख्या
कोरोना संक्रमण काल के चलते अवैध स्कूलों की संख्या में काफी कमी आई है। चालू शिक्षासत्र में अधिकांश अवैध स्कूलों के संचालन को लेकर प्रबंधन ऊहापोह की स्थिति में हैं। हालांकि कुछ स्कूलों में बच्चों का दाखिला लेकर पठन-पाठन प्रारंभ कर दिया गया है।
जिले में बगैर मान्यता के चलने वाले स्कूलों की जांच कर उन्हें बंद कराया जाएगा। शिक्षा का अधिकार कानून 2009 के तहत बिना मान्यता के कोई स्कूल संचालित होते मिलता है तो, उससे एक लाख रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। भूपेंद्र सिंह, बीएसए