फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रतापगढ़: किशोर को बचाने में चमरौधा नदी में डूब गया कुश्ती खिलाड़ी 

Tue, 21 May 2019 11:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
विज्ञापन
शैलेंद्र सरोज (16) - फोटो : pratapgarh
विज्ञापन
 चमरौधा नदी में नहाने के दौरान डूब रहे किशोर को बचाने में कुश्ती खिलाड़ी गहरे पानी में समा गया। जिससे उसकी मौत हो गई। इससे कोहराम मचा रहा।
विज्ञापन

अंतू थाना क्षेत्र के मंगापुर निवासी शैलेंद्र सरोज (16) पुत्र नकुल सरोज ने इस साल कक्षा नौ की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वह कुश्ती का खिलाड़ी था। उसका चयन गोरखपुर मंडल में हुआ था। मंगलवार को नकुल सरोज के पड़ोसी सुग्गीलाल के घर पर बहूभोज का आयोजन था।

जिसमें शामिल होने के लिए रिश्तेदार व गांव के लोग जुटे थे। सुबह करीब दस बजे करीब 20-25 की संख्या में किशोर व युवक चमरौधा नदी में नहाने गए। नहाने के दौरान अरुण (15) पुत्र तारकेश्वरनाथ गहरे पानी में डूबने लगा। यह देख नदी में नहा रहे लोग शोर मचाने लगे। अरुण को डूबते देख शैलेंद्र अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में कूद पड़ा।
विज्ञापन


वह उसे बचाने के लिए प्रयास करने लगा। जिसमें शैलेंद्र कामयाब भी हो गया, लेकिन खुद सांस उखड़ने के कारण नदी में डूब गया। नदी में नहा रहे लोग उसे बचाने की कोशिश करने लगे, लेकिन कामयाब नहीं हुए। शोरशराबा सुनकर गांव के लोग भी पहुंच गए। करीब 20 मिनट तलाश के बाद उसका शव बरामद हुआ।

आनन-फानन में परिजन रोते बिलखते शैलेंद्र को लेकर स्थानीय अस्पताल की ओर भागे ,लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। परिजन उसे लेकर शहर प्राइवेट अस्पताल पहुंचे। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही परिजन बिलखने लगे। शव लेकर लोग घर लौट गए। शाम को शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

परिवार के लोगों का सपना रह गया अधूरा
नकुल सरोज के तीन बेटे हैं। शैलेंद्र मझला बेटा था। वह बचपन से ही कुश्ती के खेल का शौकीन था। उसने गोरखपुर मंडल छात्रावास में कुश्ती प्रतियोगिता के लिए ट्रायल दिया था। तीन माह पहले उसका सेलेक्शन भी हो गया था। उसे काल लेटर का इंतजार था। आज-कल में ही काल लेटर आने वाला था। पिता नकुल व बड़ा भाई आकाश शैलेंद्र को कुश्ती का नामचीन खिलाड़ी बनाना चाहते थे, लेकिन उनका सपना अधूरा रह गया।

रोकती रही मां, नदी में खींच ले गई मौत
चमरौधा नदी में गांव के लड़कों को नहाने के लिए जाते देख शैलेंद्र भी तैयार हो गया। इस बात की जानकारी होने पर शैलेंद्र की मां सीमा उसे रोकने लगी, लेकिन वह बहाना बनाकर नदी में नहाने चला गया। शव देखते ही मां यह कहकर रोती रही कि बात मान ली होती तो आज उसके सामने होता।
विज्ञापन


सहमे रहे नदी में नहाने गए युवक
चमरौधा नदी में  शैलेंद्र के नदी में समा जाने का खौफ सभी की आंखों में तैर रहा था। जिस अरुण को शैलेंद्र ने मौत के मुंह से बाहर निकाला था, उसकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। हर कोई हादसे के बाद सहमा दिखा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें