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प्रतापगढ़: कोरोना से महिला की मौत, 41 नए केस

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हाटसपाट बना कंधंई थाना क्षेत्र का शीतला गंज बाजार। - फोटो : PRATAPGARH
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कोरोना वायरस की चपेट में आने से मंगलवार को दूसरे दिन भी जिले की एक बुजुर्ग महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। उसे सांस लेने में दिक्कत के बाद एसआरएन में भर्ती कराया गया था। मंगलवार को 24 घंटे के भीतर 41 नए मरीज सामने आए।
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अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। जिले में अब संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1580 पहुंच गई है। सीएमओ कार्यालय में तैनात दो लिपिक व एक कंप्यूटर आपरेटर भी संक्रमण की चपेट में आ गए हैं।
जेठवारा के सरायइंद्रावत के गुदरी मोहल्ला की रहने वाली 65 साल की बुजुर्ग महिला को सांस में लेने में दिक्कत होने पर परिजनों ने प्रयागराज एसआरएन में भर्ती कराया था। जांच में वह कोरोना संक्रमित मिली।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उससे जुड़े 80 लोगों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था। इनमें से 50 लोगों की रिपोर्ट सोमवार की देर शाम आ गई। जिसमें चार पड़ोसी भी संक्रमित मिले। फल कारोबारी का भाई भी पाजिटिव निकला। सभी को होम आइसोलेट करा दिया गया। अभी तीस लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है। मंगलवार को उपचार के दौरान बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। यह खबर मिलने पर हड़कंप मच गया।
आनन-फानन में परिजन प्रयागराज के लिए रवाना हो गए। देर शाम स्वास्थ्य विभाग की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पूरे पितई के रहने वाले एक ठेकेदार की रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद हालत खराब देख उसे प्रयागराज ले जाया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में तैनात दो लिपिक व एक कंप्यूटर आपरेटर की रिपोर्ट भी पाजिटिव आई है। जिससे सीएमओ कार्यालय में हड़कंप मचा रहा। सांगीपुर के पसियानन का टोला रेहुआ लालगंज बाजार में युवक कोरोना संक्रमित निकला। कुंडा में आठ संक्रमित मिले। पट्टी में 10 लोग कोरोना पाजिटिव निकले। जिसमे एक ही परिवार के तीन लोग शामिल हैं।
दो दिन के लिए सीएमओ कार्यालय बाहरी लोगों के लिए बंद
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में दो लिपिक समेत एक कंप्यूटर आपरेटर के संक्रमित होने के बाद दो दिनों तक कार्यालय में बाहरी लोगों केे प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। सीएमओ डा. अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि दो दिन तक कार्यालय को सैनिटाइज किया जाएगा। बाहरी लोग कार्यालय में न आएं। केवल कर्मचारी पहले की तरह अपना काम कर सकते हैं।
महिला अस्पताल में दर्द से तड़पती रही प्रसव पीड़िता
महिला अस्पताल के गेट पर प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती महिला को भर्ती कर उपचार करने के बजाए स्वास्थ्य कर्मचारियों ने भगा दिया। जिसे लेकर काफी देर तक अस्पताल में हंगामा होता रहा। गेट पर गर्भवती महिला दर्द से तड़पती रही। सीएमओ के हस्तक्षेप के बाद उसे अस्पताल में भर्ती किया जा सका।
रानीगंज तहसील के परशुरामपुर की रहने वाली सुमन को प्रसव पीड़ा के चलते सोमवार की रात परिजन लेकर महिला अस्पताल पहुंचे। जहां स्वास्थ्य कर्मियों ने उसका चेकअप किया। इसके बाद उसे बाहर बैठने के लिए कह दिया।
कुछ देर बाद उसे फिर से प्रसव पीड़ा होने लगी। बाहर बरसात भी हो रही थी। परिजन उसे लेकर भीतर गए। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ ही डाक्टर ने संवेदनहीनता का परिचय देते हुए गर्भवती महिला को बाहर कर दिया। जिससे वह गेट पर तड़पती रही। इसे लेकर साथ आए लोग हंगामा करने लगे। जानकारी के बाद मीडियाकर्मी भी पहुंच गए। खबर के साथ ही सीएमओ को मामले की जानकारी दी।
कुछ देर बाद महिला अस्पताल में प्रसव पीड़िता को भर्ती कर उपचार शुरू किया जा सका। आए दिन महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों की प्रताड़ना का शिकार गर्भवती महिलाओं को होना पड़ता है। इस बाबत जिलाधिकारी डा. रुपेश कुमार ने महिला अस्पताल की सीएमएस को स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने के बाद बाहर न भेजा जाए। उसे भर्ती कर उसका उपचार किया जाए। लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी।
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