विस्फोट के बाद मकान हो गया ध्वस्त।
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हादसे के दौरान घर के अंदर मौजूद बेटी शबनम (25) और बहू शबनम (38) गंभीर रूप से घायल हो गई। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। सूचना मिलने पर एएसपी पूर्वी दुर्गेश सिंह, कोतवाल अर्जुन सिंह फोर्स के साथ पहुंच गए। घायलों को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने दोनों घायलों को प्रयागराज रेफर कर दिया गया।
विस्फोट के बाद मकान का मंजर।
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ऑनकाल ड्यूटी रहे चिकित्सक पहुंचे मेडिकल कॉलेज
ऑनकाल ड्यूटी पर रहे चिकित्सक को हादसे के बाद मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा, डॉ. अतुल सरोज, डॉ. सचिन मौर्या, डॉ. केके त्रिपाठी और डॉ. श्रीराम घायलों के इलाज करने में जुट गए।
प्रतापगढ़ में विस्फोट के बाद पहुंची पुलिस।
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धमाके से उड़ गई छत, दीवारें धराशायी
जिरियामऊ में हुई पटाखों के विस्फोट की घटना इतनी भयंकर थी कि घर दो मंजिलें पूरी तरह से ध्वस्त हो गईं। दीवारें धराशायी हो गईं और पिलर क्षतिग्रस्त हो गए। धमाके के वक्त घर में छह वर्षीय शहनवाज और तीन वर्षीय सफान मौजूद थे, जिनका कोई पता नहीं चल सका। पुलिस टॉर्च की रोशनी में मकान की दूसरी मंजिल के मलबे में उन्हें ढूंढ़ती रही।
मुख्तार का घर खेत में बना है। यह घर मुख्तार को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मिला था। मुख्तार ने एक मंजिला आवास के ऊपर दो और मंजिलें तान दीं और इन्हीं में पटाखे जमाकर रखे थे।
विस्फोट में घायल महिला अस्पताल में भर्ती।
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घर तक पहुंचने के लिए दस फीट का रास्ता भी नहीं है। हादसे के बाद दमकल वाहन और एंबुलेंस रास्ता न होने के कारण घर तक नहीं पहुंच सकी। दमकल के छोटे वाहन ने दूसरे रास्ते से घर तक पहुंचकर आग बुझाई। वहीं, घायल महिलाओं को स्ट्रेचर से एंबुलेंस तक ले जाया गया।
वहीं, मुख्तार का बेटा रेहान अचलपुर तिराहे पर सब्जी की दुकान पर काम करता है। पटाखे के विस्फोट की जानकारी होने पर वह भागा-भागा घर पहुंचा। अपने घर की हालत देखकर वह अवाक रह गया। मौके जुटी भीड़ ने उसे घर के पास जाने से मना किया। पुलिस के पहुंचने के बाद वह घर के अंदर पहुंचा। हालांकि, तब तक मकान मलबे में तब्दील हो चुका था।
विस्फोट के बाद मौके पर पहुंची पुलिस।
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धमाके से उड़ते रहे सामान के परखच्चे
पटाखों और सिलिंडर का विस्फोट इतना भयंकर था कि घर के अंदर रखी वॉशिंग मशीन, फ्रिज, टीबी के परखच्चे उड़ते हुए बाहर गिर रहे थे। विस्फोट के दौरान घर के पास जाने की कोई हिम्मत नहीं कर पा रहा था। घर के बाहर गृहस्थी का सामान मलबे के रूप में बिखरा पड़ा था।
विस्फोट के बाद मौके पर जुटी फोर्स और ग्रामीणों की भीड़।
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घर के बाहर पड़ा रहा मुख्तार का शव
हादसे में मुख्तार की मौत के बाद उसका क्षत-विक्षत शव घर के बाहर पड़ा रहा। लोगों ने चटाई से शव को ढक दिया। सूचना पाकर रिश्तेदार भी पहुंच गए। लोगों की भीड़ चर्चा करती रही कि कई बार समझाने के बावजूद पटाखों का जखीरा मुख्तार ने घर के अंदर जमा कर रखा था। मना करने के बावजूद उसने आदत में सुधार नहीं किया।
घटना के बाद मौके पर जुटी फोर्स और ग्रामीणों की भीड़।
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पुलिस ने नहीं की कार्रवाई तो कई जगह हो सकते हैं धमाके
दीपावली पर्व को लेकर हवाईदारों (आतिशबाज) ने पटाखों का जखीरा घर में जमा कर रखा है। घटनास्थल पर मौजूद कुछ लोग चर्चा करते रहे कि शहर के बेगम वॉर्ड, कटरा मेदनीगंज व अंतू में भी बड़ी मात्रा में पटाखे घरों के अंदर रखे गए हैं। कई हवाईदार बिना लाइसेंस के ही पटाखे बनाकर दीपावली पर बिक्री की तैयारी में जुटे हैं। पर्व से पहले जांच की गई तो पुलिस को कई स्थानों पर पटाखों के जखीरे बरामद होंगे। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इस तरह की और भी घटनाएं हो सकती हैं।