कंधई थाना क्षेत्र के पूरे पांडेय दीवानगंज निवासी शमीम उर्फ लल्लू चार साल पहले सउदी अरब से लाए गए सेटेलाइन फोन को खिलौना समझता रहा। बच्चे भी उसे लेकर खेलते रहते। फोन सक्रिय होने के बाद उनके लिए मुसीबत बन गया। अमेठी पुलिस ने पूछताछ के बाद शमीम व उसके बहनोई को जेल भेज दिया।
कंधई थाना क्षेत्र के पूरे पांडेय दीवानगंज निवासी शमीम उर्फ लल्लू सउदी अरब में नौकरी करने गया था। करीब चार साल पहले वह अपने घर लौटा आया था। शमीम की पत्नी मोमिना के अनुसार, वह अपने साथ एक सेटेलाइन फोन लाया था। जिसे बच्चे खिलौना समझते थे। फोन शमीम को सउदी अरब में एयरपोर्ट के पास मिला था। तब से बच्चे उस फोन को खिलौने की तरह इस्तेमाल कर रहे थे।
बीस दिन पहले अमेठी जनपद के रामगंज थाना क्षेत्र के मवइया से शमीम का भांजा आकिब आया था। वह फोन अपने साथ उठा ले गया। जहां उसके परिवार के लोगों ने किसी तरह फोन को चार्ज कर लिया। उसके ऑन होते ही परिवार के ऊपर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। आर्मी इंटेलीजेंस की सूचना पर रामगंज पुलिस ने मवइया में दबिश देकर बुधवार को ही सेटेलाइट फोन बरामद करने के साथ ही जुबैर को दबोच लिया।
चूंकि आकिब किशोर था। इसलिए पूछताछ करने के बाद उसे छोड़ दिया। पुलिस के कहने पर ही बुधवार को शमीम के पास बहनोई जुबैर ने फोन कर बहन की तबीयत खराब होने की जानकारी देते हुए तत्काल घर आने की बात कही थी। जिसके बाद वह अपनी छोटी बहन को साथ लेकर मवइया पहुंचा। जहां पहले से मौजूद पुलिस जुबैर व शमीम को लेकर थाने चली गई। बृहस्पतिवार को पूछताछ के बाद दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
पत्नी मोमिना के अनुसार सउदी अरब से लौटने के बाद वह फिर नहीं गया। बल्कि घर के करीब ही अंडे व जनरल स्टोर की दुकान खोल ली। पति के हाथ में वह भी काम बंटाती थी। उसे इस बात का भरोसा नहीं था कि जिसे वह खिलौना समझ रही है, वह इतना खतरनाक होगा। मवइया में कैसे उसे चार्ज किया गया, ये तो वहीं लोग बता सकते हैं। फिलहाल शुक्रवार को दिनभर एलआईयू भी शमीम के बारे में खोजबीन करती रही।