लोगों में कोरोना का खौफ इस कदर घर कर गया है कि इसके खौफ से अब खून के रिश्ते भी दम तोडने लगे हैं। गले लगाने व अंगुली पकड़कर चलने वाले लोग भी कोरोना की आशंका में अब अपनों से दूरी बना ले रहे हैं। रानीगंज इलाके के दमदम में कोरोना संदिग्ध की मौत के बाद परिवार के लोग शव सड़क पर छोड़कर भाग निकले। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया।
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रानीगंज के दमदम गांव में कोरोना संदिग्ध युवक का शव मिलने के बाद जुटे ग्रामीण।
- फोटो : pratapgarh
लावारिस सड़क पर पड़े शव की रातभर ग्रामीण दूर से ही निगरानी करते रहे। खबर पाकर बिना पीपीई किट के पहुंचे स्वास्थ्यकर्मी और पुलिस भी बैरंग लौट गई। रविवार की सुबह प्रकरण डीएम के संज्ञान में आने के बाद मृतक के शव का सैंपल लेने के बाद परिजनों व स्वास्थ्यकर्मियों के साथ अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया। मरने वाला युवक 27 मई को मुंबई से परिवार के साथ घर आया था।
रानीगंज के दमदम गांव में कोरोना संदिग्ध युवक का बस्ती के बाहर सड़क किनारे चारपाई पर पड़ा शव।
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रानीगंज के दमदम निवासी रामनरेश सरोज (35) पुत्र द्वारिका प्रसाद अपने परिवार के साथ मुंबई में रहता था। 27 मई को वह अपनी पत्नी सुनीता देवी व बेटे सोनू व मोनू के साथ घर लौटा। परिवार के लोगों ने सभी को होम क्वारंटीन करा दिया था। रामनरेश पहले से किसी बीमारी से ग्रसित था। 29 मई को उसकी तबियत बिगड़ गई। परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। यहां उपचार के बाद डाक्टरों ने उसे शनिवार को प्रयागराज रेफर कर दिया। रामनरेश के मौसी का लड़का व बहनोई उसे प्रयागराज के एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए।
रानीगंज के दमदम गांव में कोरोना संदिग्ध युवक का शव मिलने पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम।
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वहां हालत में सुधार न होने पर डाक्टरों ने एसआरएन भेज दिया। वहां से डाक्टरों ने उसे जिला अस्पताल प्रतापगढ़ ले जाने की सलाह दी। फूलपुर के रास्ते किसी वाहन से परिजन उसे लेकर घर चल पड़े। गांव से कुछ दूर पहले ही उसकी सांसें थम गईं। यह देख रिश्तेदार व परिजन भयभीत हो उठे। घर के करीब पहुंचने पर शव को चारपाई पर रखकर सभी भाग निकले।
रानीगंज के दमदम गांव में कोरोना संदिग्ध युवक का शव मिलने पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम।
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पत्नी व परिवार के अन्य सदस्यों ने भी उससे दूरी बना ली। कोरोना के भय से गांव के लोग भी दूर से ही निगरानी करने लगे। सूचना मिलने पर रात में ही गौरा से स्वास्थ्यकर्मचारियों के साथ पुलिसकर्मी पहुंचे। सभी बिना पीपीई किट के आए थे। कोरोना से वह भी इस कदर डरे थे कि पूछताछ के बाद बैरंग लौट गए। इससे गांव के लोग सहम गए।
रविवार की सुबह प्रकरण संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी डा. रुपेश कुमार ने मौके पर पीपीई किट के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी। मृतक का कोरोना सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया। परिवार के लोगों को समझाबुझाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ शव का अंतिम संस्कार करने के लिए प्रयागराज भेजा गया। इस बीच कोरोना का भय ग्रामीणों पर साफ दिख रहा था।