prayagraj news : शहीद रितेश पाल (फाइल फोटो)।
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हिमाचल प्रदेश के मनाली में भुस्खलन के दौरान शहीद हुए रितेश पाल का पार्थिव शरीर शनिवार को भी घर नहीं पहुंचा। शहीद को देखने की ललक लिए हुए दूरदराज से लोग पहुंचते रहे। परिजनों को लोग सांत्वना देते रहे। शहीद सैनिक के घर पहुंचे एसडीएम सदर मोहनलाल गुप्ता ने पिता को मुख्यमंत्री की ओर से प्रदान की गई मदद की जानकारी देते हुए पत्र थमाया। उन्होंने बताया कि गांव में शहीद के नाम से सड़क बनेगी। परिवार के एक सदस्य को नौकरी के साथ 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी।
अंतू के पूरे भइया निवासी रितेश पाल हिमाचल प्रदेश में ड्यूटी पर थे। भुस्खलन के दौरान जेसीबी से मलबा साफ करते समय उन पर पहाड़ टूटकर गिर पड़ा। जिससे वह शहीद हो गए। शुक्रवार को परिवार के लोगों को रितेश की मौत की खबर मिली। इसके बाद घर में कोहराम मच गया। शनिवार को पार्थिव शरीर का दर्शन करने व परिवार के लोगों को सांत्वना देने के लिए आसपास के ग्रामीणों के साथ रिश्तेदार आते-जाते रहे। हालांकि शनिवार को रितेश का पार्थिव शरीर गांव नहीं पहुंच सका।