मार्बल कारोबारी से रंगदारी मांगने व पुलिस की मौजूदगी में फायरिंग करने के मामले में पुलिस का शक 50 हजार के इनामी बदमाश पर है। उसकी तलाश में करीबियों समेत रिश्तेदारों के घर रविवार रातभर पुलिस दबिश देती रही। संदिग्ध बदमाश के पिता व करीबियों को पुलिस कोतवाली उठा लाई। पुलिस सभी से लगातार पूछताछ कर रही है। व्यापारी की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नगर कोतवाली के सदर बाजार निवासी मार्बल कारोबारी हरि गौरव से बदमाश फोन कर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहे थे। रुपये न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। व्यापारी की सुरक्षा में पुलिस अधीक्षक ने फोर्स लगाने के साथ ही स्वॉट टीम के सिपाहियों को भी दुकान पर तैनात किया था। पुलिस को चुनौती देते हुए रविवार को दिनदहाड़े बाइक सवार दो बदमाशों ने व्यापारी की दुकान पर फायरिंग कर सनसनी फैला दी। घटना के बाद आईजी मोहित अग्रवाल को भी आना पड़ा।
सूत्रों की मानें तो सीसीटीवी फुटेज खंगालने व भागने वाले स्थान भुलियापुर के चलते पुलिस को 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश तौकीर के ऊपर रंगदारी व दुकान पर फायर करने का शक है। पुलिस अधीक्षक एस आनंद के आदेश पर शहर कोतवाल, स्वॉट टीम व सर्विलांस टीम लगातार बदमाशों की धरपकड़ करने के लिए पुराना माल गोदाम रोड स्थित प्राइमरी स्कूल, टेऊंगा, सिटी, कंधई में दबिश पर दबिश देती रहीं। 50 हजार के इनामी बदमाश तौकीर के करीबियों की धरपकड़ के साथ ही उसके पिता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
सभी से पूछताछ के बाद पुलिस ने पांच लोगों को उठाया है। नगर कोतवाल ने बताया कि रंगदारी न देने पर मार्बल कारोबारी के ऊपर हमला करने वाले बदमाश का हुलिया तौकीर से काफी मेल खा रहा है। वह तीन दिन पहले अपने घर भी आया था। उसके साथ पूरे केशवराय डंडवा निवासी बैंक डकैती के आरोपी अतीक के भी होने की आशंका है। दोनों की तलाश में लगातार अलग-अलग टीमें दबिश दे रही हैं।
सहमे कर्मचारी नहीं आए काम पर
सदर बाजार निवासी मार्बल व्यापारी हरि गौरव की दुकान पर फायरिंग की घटना से वहां काम करने वाले कर्मचारियों में भी दहशत है। दुकान पर चार कर्मचारी काम करते हैं। सोमवार को केवल दो ही आए।
काउंटर पर बैठने से व्यापारी ने बनाई दूरी, चेहरे पर खौफ
सदर बाजार स्थित मार्बल कारोबारी हरि गौरव ने वर्ष 2012 में मार्बल व्यापार में कदम रखा था। घटना के बाद हरि गौरव के साथ पिता व अन्य लोगों ने पुलिस की सुरक्षा के बीच भले ही साढ़े 11 बजे दुकान खोली, लेकिन काउंटर पर बैठने का साहस नहीं दिखा सके। वह अपने घर में ही बैठे रहे।
अनहोनी की आशंका से परिजन खौफजदा दिखे। पुलिस अधीक्षक एस आनंद, एएसपी पूर्वी अवनीश मिश्रा और सीओ सिटी अतुल शर्मा ने कारोबारी हरि गौरव से जानकारी ली। सशस्त्र पुलिसकर्मियों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया। राइफल की जगह सभी को कार्बाइन थमा दी गई है ताकि ऐसे बदमाशों को तत्काल आधुनिक असलहे से जवाब दिया जा सके।
मंत्री मोती सिंह भी पहुंचे
सदर बाजार निवासी मार्बल कारोबारी हरि गौरव के घर सोमवार की सुबह मंत्री मोती सिंह भी पहुंचे। पीड़ित परिवार से बातचीत करने के बाद उन्होंने डीजीपी व आला अधिकारियों से बात कर बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया।
एक लाख का इनामी हुआ तौकीर
बैंक लूट व बंदीरक्षक की हत्या के आरोप में फरार चल रहे 50 हजार के इनामी बदमाश तौकीर को पकड़ने के लिए लगातार दबिश का दावा करने वाली पुलिस इनाम राशि बढ़ा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी ने बताया कि तौकीर के ऊपर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया जा रहा है।
रंगदारी की बात सुनते ही गिर गया था मोबाइल
बदमाश ने मार्बल व्यापारी हरि गौरव से दो बार बात की है। पहली बार व्हाट्सएप पर काल किया। इसके बाद सामान्य काल कर बातचीत की। परिजनों की मानें तो रंगदारी के लिए धमकी मिलते ही हरि गौरव के हाथ से मोबाइल छूटकर गिर गया। दूसरी बार बदमाश ने फोन कर लंबी बातचीत की। सोशल मीडिया पर हरि गौरव से बदमाश की हुई बातचीत में यह बात भी सामने आ रही है कि वह हरि गौरव को जानता है। उसके हर कदम पर बदमाशों की निगाह है।
तभी तो भगवान की मर्जी के साथ ही धंधा बढ़ाने में मदद की बात करते हुए बदमाश इंशाअल्लाह भी बोल रहा है। वह जिले के दूसरे शातिर बदमाश डब्बू व विनोद का भी नाम लेता है। बोलता है कि किसी से डरने की जरूरत नहीं। उसे रुपये की जरूरत है। पहले दस लाख मांगने वाला बदमाश बाद में पांच लाख रुपये तक पहुंच गया था। वह महामाया मार्बल के मालिक राजेश सिंह की हत्या की बात भी करता है। ऐसे में पुलिस मानकर चल रही है कि हरि गौरव से रंगदारी मांगने वाले बदमाशों ने ही राजेश हत्याकांड को भी अंजाम दिया है। फिलहाल पुलिस बदमाश की आवाज पहचानने के लिए जेल में बंद बदमाशों से संपर्क कर चुकी है। ताकि आवाज मिलान से बदमाश की शिनाख्त हो सके।
खाली हाथ कैसे करेंगे बदमाशों का मुकाबला
भुलियापुर चेकपोस्ट पर भले ही दो उपनिरीक्षक संग छह पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, लेकिन इनमें ज्यादातर पुलिसकर्मी बिना हथियार के ड्यूटी कर रहे हैं। सोमवार को चेकपोस्ट के पास कुर्सी लगाकर आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखने वाले दोनों सिपाही हाथ में डंडे लेकर बैठे थे। अब सवाल यह उठता है कि जब बदमाश पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से बेपरवाह होकर फायरिंग करते हुए भाग रहे हैं तो खाली हाथ ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मी उन्हें कैसे काबू में कर सकेंगे।
भुलियापुर की अबूझ गलियां पुलिसकर्मियों के लिए किसी भूल भुलैया से कम नहीं हैं। सोमवार को दुकान पर मौजूद सुरक्षाकर्मी इसलिए भी बदमाशों को गोली मारने से हिचकते रहे कि यदि गोली दूसरे को लग गई तो उन्हें सजा मिलेगी। ऐसे में वह कोई कदम जल्दबाजी में नहीं उठाना चाहते।