नवाबगंज में बोलेरो-टैंकर की भिड़ंत में छह लोगों की मौत की घटना के बाद प्रशासन को याद आया कि सड़क पर लगने वाले ठेले और अवैध वाहन अड्डे ऐसे हादसों का कारण बनत हैं। बुधवार को आननफानन में अधिकारियों ने नवाबगंज बाजार में चौराहे पर ही लगने वाले टेंपो अड्डे को हटवाकर किनारे करवाया। दुकानें भी सड़क से हटकर लगाने का निर्देश दिया गया।
नवाबंज बाजार में मंगलवार को एक बोलेरो में टैंकर ने टक्कर मार दी थी। इससे बोलेरो ठेले से टकराती हुई खड्ड में चली गई थी। बारिश होने के कारण सड़क पर ज्यादा भीड़ नहीं थी। इसके चलते राहगीरों की जान तो नहीं गई, लेकिन बोलेरो में सवार पांच लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासन को याद आया कि हादसा टेंपो के सड़क पर खड़ा होने और ठेला दुकानदारों के अतिक्रमण के कारण हुआ।
इसके चलते बुधवार को दुकानदारों के साथ ही टेम्पों लगाने वाले लोगों को हड़काकर वहां से हटाया गया। बुधवार को बाजार में सड़क पूरी खाली नजर आई। यदि यही काम पहले हुआ होता तो शायद यह हादसा न होता। फिलहाल, इस समय तो सड़क से टेम्पों और ठेले हटवा दिए गए हैं, लेकिन देखना है कि यह आदेश लोग कब तक मानते हैं।
सड़क के किनारे बना गड्ढा दुर्घटना को दावत दे रहा है। इससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इसकी तरफ न तो पीडब्ल्यूडी का ध्यान जा रहा है और न ही इस गड्ढे को भरने के जिम्मेदार जलनिगम का।
क्षेत्र के परियावां-लवाना मार्ग पर इकरा मार्केट के पास जल निगम की पाइप टूट गई थी। इसके चलते आए दिन पानी बहता था। पानी बहने के कारण सड़क के किनारे ही बड़ा सा गड्ढा बन गया। कुछ दिन बाद जल निगम की पाइप तो ठीक कर दी गई लेकिन यह गड्ढा बना ही रहा। इसके चलते रात में चलने वाले राहगीरों को दिक्कत होती है। खासतौर से बाइक और साइकिल सवार लोगों के लिए यह परेशानी का विषय बना है। अब इसे न तो पीडब्ल्यूडी के लोग बंद करवा रहे हैं और न ही जलनिगम के लोग। लोगों ने इस गड्ढे को भरवाए जाने की मांग की है।