ठंडी के मौसम में गरमी जैसे बिजली कटौती से शहरी परेशान हो गए हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत रूपापुर केंद्र से जुड़े इलाके के उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ रही है। इस समय उनको रोस्टर की आधी भी बिजली नहीं मिल पा रही है। आवाजाही से उपभोक्ता परेशान हो गए हैं।
दावा 15 घंटे की आपूर्ति का किया जा रहा है। मगर बिजली दस घंटे भी नहीं मिल पा रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह जर्जर तार और ट्रांसफार्मर बने हुए हैं। इस समय रूपापुर उपकेंद्र से जुड़े इलाके सबसे बेहाल हैं। इन इलाकों में गरमी के बराबर कटौती की जा रही है। मसलन दोपहर 12 बजे बिजली आएगी पलक झपका कर फिर चली जाएगी। उसके बाद कब आएगी भरोसा नहीं। आएगी भी दो घंटे बाद तब तक चार बजे कटौती समय हो जाता है। रात आठ बजे आने के बाद फिर से आंख मिचौली शुरू हो जाती है। ऐसा अक्सर हो रहा है। फोन करिए तो पता चलता है कभी जोगापुर, पूरेनरसिंहभान तो ी देवकली में तार टूटने या ट्रांसफार्मर जलने की समस्या बताई जाती है।
लोगों का कहना है कि ये इलाके बेहतर बिजली आपूर्ति में सबसे बड़े बाधक हैं। यहां के लोगों का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारी लोड तो बढ़ा रहे हैं मगर तारों को बदलने का काम नहीं किया जा रहा है। बिजली विभाग के अधिकारी तारों के बदलने का दावा कर रहे हैं मगर जोगापुर, पूरेनरसिंहभान और देवकली की वजह से आधे शहरवासियों को बेहतर बिजली नहीं मिल रही है। हालांकि एक्सईएन और एसडीओ दोनो बेहतर लाइट देने का दावा कर रहे हैं। मगर, हकीकत यह है कि रूपापुर उपकेंद्र पर रात के वक्त एसएसओ को छोड़कर कोई भी कर्मचारी नहीं रहता है। अगर लाइट चली जाती है तो कोई बनाने नहीं आता है। कर्मचारियों का भी कहना है कि जर्जर तार न बदलने से आए दिन यह समस्या आ रही है। आखिर तार, ट्रांसफार्मर और पोल के लिए आए करोड़ों रुपये आखिर कहां खप गए।