फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भक्ति की रसधार, आदिशक्ति की जय-जयकार

Tue, 20 Oct 2015 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
बेल्हा दुर्गापूजा के रंग में रंग गया है। शहर से लेकर गांव तक दुर्गापूजा की धूम मची हुई है। जगह-जगह स्थापित किए गए देवी पंडालों में दर्शन-पूजन के लिए हुजूम उमड़ रहा है। चारों तरफ आदिशक्ति की जय-जयकार हो रही है। हर तरफ माहौल भक्तिमय है। उधर, मंगलवार को सप्तमी और अष्टमी दोनों होने से मां के कालरात्रि और महागौरी स्वरूप की पूजा की गई। देवी के पंडालाें में भक्ति की रसधार बही। पूजन और आरती के बाद श्रद्धालुओं ने मां चंडिका देवी का आशीर्वाद लिया। अखंड ज्योति जलाकर काले तिल से चंडिका देवी की पूजा की। मां को प्रसन्न करने के लिए रात में जप-तप भी किया गया।
विज्ञापन



देवासुर संग्राम में दैत्यों का सर्वनाश करने वाली कालीजी और भगवान शंकर का स्वभाव एक जैसा है। कथानुसार शंकरजी ने ही चंडिका को काली का नाम दिया है। सप्तमी के मौके पर भक्तों ने अखंड ज्योति जलाई। दुर्गा सप्तसती का पाठ किया। नवरात्र पर सजे पंडालों में सुबह और शाम को होने वाली आरती का अपना अलग ही महत्व है। रेलवे स्टेशन रोड, सियाराम कॉलोनी, अम्बेडकर चौराहा और कांशीराम कॉलोनी में सजे दुर्गा पंडालों में भक्तों की भीड़ लगी रही। उधर, मां बेल्हादेवी मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। हर तरफ का माहौल देवी मय हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें