जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी अब खुद मतपेटिकाओं की सुरक्षा के लिए निगरानी करेंगे। वहां से पीएसी हटाने से भड़के प्रत्याशियों ने मंगलवार को जिलाधिकारी आवास पहुंचकर धरना दिया। बाद में सीआरओ और सीओ सिटी के समझाने पर लोग माने। तय हुआ कि दूसरे थाने की पुलिस स्ट्रांग रूम की सुरक्षा करेगी और प्रत्याशी या फिर उनके समर्थक भी मतगणना होते तक रहेंगे। इसके बाद प्रत्याशियों ने धरना समाप्त किया।
एडीजी कानून व्यवस्था ए सतीश गणेश के आदेश पर मंगलवार को ब्लाकों के स्ट्रांग रूम के बाहर सुरक्षा में तैनात पीएसी के जवानों को हटाया जाने लगा। इस बात की खबर शिवगढ़, गौरा, सदर के प्रत्याशियों को हुई तो वे भड़क उठे। आशंका जताई कि पीएसी हटाकर लोकल पुलिस तैनात की जाएगी। जिससे मतपत्रों के साथ हेरफेर होने की आशंका है। यह खबर जंगल में आग की तरह फैली। देखते ही देखते तमाम प्रत्याशी जिलाधिकारी आवास पर पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। वे स्ट्रांग रूम पर पीएसी के जवानों को लगाने की मांग करने लगे। डीएम के बाहर होने की दशा में सीआरओ रामसिंह वर्मा और सीओ सिटी मनीष मिश्र मौके पर पहुंचे।
सभी जिला पंचायत सदस्य के प्रत्याशियों की बात सुनने के बाद अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने एडीजी कानून व्यवस्था का पत्र दिखाया। इसके बाद भी प्रत्याशी संतुष्ट नहीं हुए। जिलाधिकारी से वार्ता के बाद सीआरओ ने प्रत्याशियों की मांग के अनुरूप राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र भेजने के साथ ही यह वादा किया कि स्ट्रांग रूम के बाहर प्रत्याशी और उनके समर्थक सुरक्षाण के मद्देनजर रह सकते हैं। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा दूसरे थाने की पुलिस से कराई जाएगी। इसके बाद जाकर प्रत्याशियों ने धरना समाप्त किया। इस मौके पर भाजपा नेता धीरज ओझा, रामसिंह, राजकुमार पाल, गुड्डू मिश्रा, मैसर अली समेत दर्जनों प्रत्याशी मौजूद रहे।