काफी जद्दोजहद के बाद रविवार की रात करीब बारह बजे ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य व बीडीसी सदस्य पद की अनंतिम आरक्षण सूची जारी कर दी गई। सात सितंबर को प्रशासन ने इस सूची को सार्वजनिक किया। छह से लेकर सात सितंबर को सुबह 11 बजे तक सभी स्थिति जानने के लिए परेशान रहे। आरक्षण सूची ने कई प्रमुखों को तगड़ा झटका दिया है। जिला पंचायत सदस्य पद की राजनीति करने वाले तमाम लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। बीडीसी सदस्य का चुनाव लड़ने वालों की भी परेशानी बढ़ गई है।
प्रशासन की ओर से जारी की गई ब्लाक प्रमुख पद के आरक्षण की सूची पर गौर करें तो इस बार एससी महिला, एससी, ओबीसी महिला और ओबीसी एवं महिला सामान्य के लिए दो-दो पद आरक्षित किए गए हैं। मतलब यह कि 17 में से छह ब्लाकों में चुनाव बाद छह महिलाएं प्रमुख की कुर्सी संभालेंगी। जबकि सात ब्लाकों में प्रमुख पद के लिए सीट अनारक्षित की गई है। जिला पंचायत सदस्य पद के कुल 61 में पांच वार्ड एससी महिला के लिए आरक्षित हैं। एससी के लिए नौ, ओबीसी महिला छह और ओबीसी के 10 व सामान्य महिलाओं के लिए 10 वार्ड आरक्षित हैं। बाकी के 21 वार्डों का पद अनारक्षित घोषित किया गया है।
इसी तरह 1255 ग्राम पंचायतों में 1526 वार्डों में क्षेत्र पंचायत सदस्यों का चुनाव होगा। जिसमें पिछड़ी जाति की महिलाओं के लिए 140 सीटों को आरक्षित किया गया है। जबकि 264 सीटों पर पिछड़ी जाति को आरक्षण मिला है। गौर करने वाली बात ये है कि कुल अनारक्षित सीटों की संख्या 783 बताई गई है। जिसमें 268 पद महिलाओं के लिए हैं। ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य व बीडीसी सदस्य के पदों पर जारी किए गए आरक्षण से कइयों की सियासत ही नहीं उम्मीद पर भी पानी फिर गया है। इस आरक्षण सूची ने एक बात तो साफ कर दिया है कि अबकि चुनाव में कई रसूखदार सियासी लोगों को तगड़ा झटका लगा है। क्योंकि वह आरक्षण की वजह से खुद चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।