चार सेटों में दाखिल किया नामांकन पत्र
शुक्रवार को पट्टी विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह सबसे पहले नामांकन करने पहुंचे। इसके बाद पट्टी विधानसभा से ही माकपा प्रत्याशी राजमणि विश्वकर्मा, रानीगंज से आम आदमी पार्टी से डॉ. अनुराग मिश्र, सदर से जनशांति पार्टी से रामजी, विश्वनाथगंज से निर्दल प्रत्याशी के रूप में सरिता पाल और रामपुर खास से राष्ट्रीय राष्ट्रवाद पार्टी से करण बहादुर सिंह ने अपना पर्चा दाखिल किया। भाजपा प्रत्याशी मोती सिंह और आप प्रत्याशी डॉ. अनुराग ने चार-चार सेटों में नामांकन पत्र दाखिल किया।
इधर, शुक्रवार को भी नामांकन पत्रों की खरीद होती रही। विश्वनाथगंज के निवर्तमान विधायक डॉ. आरके पटेल ने शुक्रवार को सदर विधानसभा से नामांकन पत्र लिया। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार विश्वनाथगंज वह के बजाय सदर क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं। जबकि संजय पांडेय ने विश्वनाथगंज से पर्चा लिया है। विश्वनाथगंज विधानसभा से ही रामचंद्र सिंह, जबकि सदर से सुभाषचंद्र ओझा और प्रज्ञा कुमार सिंह ने पर्चा खरीदा।
प्रस्तावकों को रोकने पर भड़के मंत्री मोती सिंह
कैबिनेट मंत्री मोती सिंह नामांकन स्थल पर उस समय भड़क गए जब पुलिसकर्मियों ने आठ प्रस्तावकों के साथ अंदर जाने से रोक दिया। इस पर मंत्री मोती सिंह भड़क गए। उन्होंने नामांकन करने से ही इनकार कर दिया। पुलिसकर्मियों पर गुस्से का इजहार करते हुए कहा कि यह मनमानी नहीं चलेगी।
मामला बिगड़ते देख एलआईयू इंस्पेक्टर आगे आए और मोती सिंह को कोरोना गाइड लाइन का हवाला देते हुए दो प्रस्तावकों के साथ ही अंदर आने को कहा। हालांकि चार सेटों में नामांकन दाखिल करने पर बारी-बारी से दो-दो प्रस्तावकों को अंदर बुलाया गया।
नामांकन से पहले लिया विजय का लिया आशीर्वाद
भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह नामांकन करने से पहले शिवजीपुरम स्थित रामानुजआश्रम पहुंचे और धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडेय अनिरुद्ध रामानुज दास के नेतृत्व में ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चारण और शंख ध्वनि के बीच भगवान जगन्नाथ का चित्रपट भेंटकर विजय का आशीर्वाद दिया।
नामांकन के समय विकास भवन में मौजूद रहे डीएम-एसपी
शुक्रवार को नामांकन की गहमा-गहमी की जानकारी पहले से ही होने पर डीएम और एसपी पूरे समय विकास भवन में मौजूद रहे। वह अफीम कोठी में हो रहे नामांकन की पल-पल की जानकारी लेते रहे।
करोड़पति हैं मोती सिंह, नहीं है कोई मुकदमा
पट्टी विधानसभा से नामांकन करने वाले भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह करोड़पति हैं। हालांकि नकदी के नाम पर उनके पास सिर्फ 45,000 रुपये ही हैं। लखनऊ, प्रतापगढ़ और ढखवा के स्थित बैंकों में जमा राशि और बीमा बांड सहित 1,16,94,805 रुपये के मालिक हैं। मोती सिंह असलहों के भी शौकीन हैं। उनके पास रिवाल्वर के साथ डबल बैरक बंदूक भी है। उनके खिलाफ एक भी आपराधिक मुकदमे नहीं हैं।
भाजपा प्रत्याशी ने नामांकन पत्र के साथ दिए गए शपथ पत्र में बताया है कि लखनऊ के एसबीआई में 76,4000, यूनियन बैंक ढखवा में 70,000, एसबीआई चिलबिला में 2,29,537 रुपये जमा होने के साथ ही बीमा बांड और पैतृक संपत्तियों को मिलाकर वह 1,16,94,805 रुपये के मालिक हैं। मोती सिंह के पास एक रिवाल्वर और एक डीबीबीएल गन भी है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय से 1974 में बीएससी और 1978 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उन्होंने एलएलबी की है। मोती सिंह की पत्नी उर्मिला सिंह 31,31,502 रुपये की मालकिन हैं। शपथ पत्र में उन्होंने बताया है कि पत्नी के पास दस हजार रुपये नकदी है। इसके अलावा बैंक में जमा धनराशि और बीमा के बांड शामिल हैं। पत्नी उर्मिला के पास 500 ग्राम सोना है, जिसकी कीमत करीब 24,50,000 रुपये है।
पूर्वांचल विवि में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं आप प्रत्याशी डॉ. अनुराग
रानीगंज विधानसभा से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में नामांकन करने वाले डॉ. अनुराग मिश्र रानीगंज इलाके के कौलानंदपट्टी गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में वह वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में तैनात हैं। उनकी पत्नी नमिता पांडेय प्राइमरी स्कूल की टीचर हैं।
रानीगंज विधानसभा से अपनी किस्मत आजमाने मैदान में उतरे डॉ.अनुराग मिश्र का जौनपुर में स्वयं का मकान है। जिसकी कीमत लगभग आठ लाख रुपये हैं। वर्ष 2008 में पीएचडी करने वाले डॉ. अनुराग मिश्र वर्तमान में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में तैनात हैं। डा. अनुराग मिश्र का अपराध से कोई लेना-देना नहीं है। वह 15,89,078 रुपये के मालिक हैं।
पत्नी नमिता पांडेय 13,64,227 रुपये की मालकिन हैं। नमिता घर बनवाने के लिए 9,66,774 रुपये की बैंक की कर्जदार भी हैं। अनुराग के पास नकद 35,000 और पत्नी के पास 22,000 रुपये हैं।