मौके पर तैनात पुलिस फोर्स।
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तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रतापगढ़ के अलावा प्रयागराज, कौशाम्बी और फतेहपुर से फोर्स बुला ली गई। जिलाधिकारी संजीव रंजन व पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल भी मौके पर पहुंचे और उग्र हो रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे।
इसी बीच महिलाओं के साथ पहुंचे बवालियों ने आरोपियों के घराें के बाहर तोड़फोड़ करते हुए पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने उन्हें लाठी तानकर खदेड़ा। एसपी ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी, जिसके बाद लोग शांत हुए।
मौलाना फारूक अहमद। फाइल फोटो
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एडीएजी और आईजी ने डाला डेरा
छह घंटे तक चले बवाल के बाद मृतक के बेटे असद की तहरीर पर गांव के ही चंद्रमणि तिवारी, उसके बेटे सागर तिवारी, वैभव तिवारी, पत्नी सीमा तिवारी और पड़ोसी देवी प्रसाद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। मॉर्चरी में सीओ सिटी शिवनारायाण साहू समेत पुलिस फोर्स मौजूद रही। बवाल की खबर मिलने पर दोपहर बाद एडीजी भानु भाष्कर, आईजी प्रेम कुमार घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली।
जमीयत उलमा के जिला महासचिव मौलाना फारूख की हत्या के मामले में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात है। मृतक का गांव के ही चंद्रमणि से जमीन के रुपये को लेकर विवाद था। फरार आरोपियों की तलाश में तीन टीम लगाई गई है।
- सतपाल अंतिल, पुलिस अधीक्षक