आसपुर देवसरा इलाके के गोविंदपुर गांव में दर्जनभर गाड़ियों के काफिले के साथ पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व सपा जिला अध्यक्ष समेत डेढ़ सौ लोगों के विरुद्ध लॉकडाउन के उल्लंघन और महामारी फैलाने की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
इसी तरह आसपुर देवसरा के ब्लाक प्रमुखपति सभापति यादव समेत 25 अज्ञात पर भी गांव में पहुंचकर लॉकडाउन का उल्लंघन करने तथा महामारी फैलाने की धाराओं में रिपोर्ट की गई है।
कोतवाली क्षेत्र के धूंई तथा आसपुर देवसरा के गोविंदपुर गांव के ग्रामीणों के बीच खेत में मवेशी जाने को लेकर हुए विवाद में मारपीट तथा पुलिस पर पथराव की घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी किए जाने के बाद से मामले को राजनीतिक रंग देने का प्रयास शुरू कर दिया गया है।
पिछड़ों के वोट बैंक को लेकर चल रही राजनीति के चलते मंगलवार की दोपहर सपा के राष्ट्रीय सचिव अखिलेश कटियार तथा समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष छविनाथ यादव 15 गाड़ियों के काफिले के साथ गोविंदपुर गांव जा रहे थे।
उनके काफिले को रेड़ीगारापुर गांव के करीब पुलिस ने रोक दिया था। जिसे लेकर पुलिस के अधिकारियों से सपा नेताओं की नोकझोंक भी हुई थी। इसी तरह आसपुर देवसरा के ब्लाक प्रमुख सभापति यादव भी गोविंदपुर गांव पहुंचे थे। सपा नेताओं के भारी संख्या में गांव पहुंचने पर पुलिस प्रशासन से हुई नोकझोंक के बाद आसपुर देवसरा थाना अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने दो अलग-अलग मुकदमे पंजीकृत किए हैं।
पहला मुकदमा सपा के राष्ट्रीय सचिव अखिलेश कटियार तथा जिला अध्यक्ष छविनाथ यादव समेत डेढ़ सौ अज्ञात तथा दूसरा प्रमुखपति सभापति यादव समेत 25 अज्ञात के विरुद्ध दर्ज किया गया है। दोनों मुकदमों में गांव में भारी संख्या में लोगों के एकत्र होने, लॉकडाउन उल्लंघन और महामारी फैलाने का आरोप है।