तबीयत खराब होने पर वृद्ध इलाज कराने अस्पताल पहुंचा। वहां लक्षण देख चिकित्सकों ने उसे एसआरएन भेज दिया। एसआरएन में उसकी सैंपलिंग हुई तो रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आ गई।
इसकी सूचना सीएचसी में पहुंची तो हड़कंप मच गया। पुलिस ने गांव सील कर दिया तो स्वास्थ्य विभाग वृद्ध के संपर्क में आने वाले लोगों की जानकारी इकट्ठा करने में जुट गया।
संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के नेवढिया गांव निवासी ओमप्रकाश निर्मल (65) पुत्र स्व. गिरधारी लाल कई दिनों से बीमार चल रहा था। परिजन उसे सोमवार को लेकर सीएससी संग्रामगढ़ आए। सीएचसी संग्रामगढ़ के चिकित्सकों ने उसकी हालत देखी तो उन्हें कुछ शक हुआ। पूछताछ के दौरान सारे लक्षण कोरोना से मिले। इस पर चिकित्सकों ने उसे एसआरएन के लिए रेफर कर दिया।
एसआरएन में उसकी सैंपलिंग हो गई। उसकी सैंपलिंग होने के बाद मंगलवार को उसकी रिपोर्ट पाजिटिव आ गई। उसकी रिपोर्ट पाजिटिव आई तो इधर गांव में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस ने गांव को सील कर दिया। इधर स्वास्थ्य विभाग ने थर्मल स्क्रीनिंग और सर्वे करना शुरू कर दिया।
संग्रामगढ सीएससी अधीक्षक डा. राजीव त्रिपाठी ने बताया कि उसकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सर्वे कराया गया। सर्वे में उसके 30 लोगों के संपर्क में होने की बात सामने आई। बुधवार को इन 30 लोगों की सैंपलिंग कराई गई।