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प्रतापगढ़: तेंदुआ मिला नहीं, लौट गई वन विभाग की टीम

Thu, 11 Apr 2019 01:57 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
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कुंडा के शहावपुर में सुबह 11 बजे खाली पड़ा तेंदुए के लिए लाया गया पिंजरा। - फोटो : प्रतापगढ़
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 तेंदुए का खौफ ग्रामीणों के जेहन में कौंध रहा था लेकिन बिना किसी ठोस कार्रवाई के वन विभाग की टीम तेंदुए से खौफजदा ग्रामीणों को छोडक़र मंगलवार की शाम चली गई। रात में भैंस के बच्चे पर तेंदुए के हमले का हल्ला मचा तो फिर बुधवार दोपहर वन विभाग की टीम वापस लौटी और दिन भर ड्रोन कैमरे से तलाश करती रही। वन विभाग के इस रवैये पर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

कुंडा विकास खंड के शहाबपुर में मंगलवार को तीन मवेशी मृत मिले थे। वन विभाग की टीम ने उनकी मौत तेंदुए के हमले से बताया। दिन में डीएफओ सहित कंजरवेटर भी गांव पहुंच गऐ। गांव में तीन रेंजरों की ड्यूटी लगा दी गई। शाम को डीएफओ के जाने के बाद  वन विभाग के कर्मचारी भी चले गए। रात में बाइक सवार युवक को तेंदुआ झुरमुट में दिखा। इस पर उसने शोर मचाकर लोगों केा बताया। ग्रामीणों ने वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मौके पर जाना मुनासिब समझा।
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जब वन विभाग के कर्मियों की खोज की जाने लगी तो वे लोग गायब थे। बाद में पता चला कि कर्मचारी घर चले गए थे। हालांकि ग्रामीण हिम्मत दिखाते हुए उस स्थान की घेराबंदी की लेकिन वहां तेंदुआ नहीं मिला। इसके बाद  भोर में एक भैंस के बच्चे पर तेंदुए के हमले का हल्ला मचा। हालांकि बाद में इसे कुत्ते का हमला बताया जाने लगा। शाम को पहुंची वन विभाग की टीम ड्रोन कैमरे की मदद से तेंदुए की खोजबीन करती रही।

शाम को फिर गांव पहुंचे कंजरवेटर सहित अधिकारी
शहाबपुर गांव में बुधवार की शाम चार बजे फिर से वन विभाग के अधिकारियों का जमावड़ा होने लगा। कंजरवेटर राजीव मिश्रा, डीएफओ वीआर अहिरवार के साथ ही रेंजर विजय शंकर द्विवेदी, आरके सिंह सहित भारी संख्या में वन विभाग के लोग पहुंच गए। इस दौरान लखनऊ चिडिय़ाघर के पशु विशेषज्ञ डा.नासिर भी पहुंचे। इसके साथ ही तेंदुए को पकडने की रणनीति बनाई जाने लगी। 

कैमरों के माध्यम से डा.नासिर ने संभाला मोर्चा
लखनऊ चिडिय़ाघर के पशु विशेषज्ञ डा. नासिर ने अपनी टीम के साथ शहाबपुर गांव में मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने टीम के दो व्यक्तियों को गांव में ही रहने की बात कही है। इसके साथ ही पेड़ों और कुछ बिल्डिंगों पर कैमरे लगाए जाने की बात कही है। उनके अनुसार यह कैमरे किसी भी हलचल पर स्वयं फोटो खींचना शुरू कर देंगे। कैमरे को ऐसी जगह पर लगाया जाएगा। जहां तेंदुआ के ज्यादा आने जाने की संभावना हो सकती है। फिलहाल शाम तक गांव में वन विभाग की सरगर्मी बढ़ी हुई थी। 

पिंजरा लाए लेकिन मांस नहीं रखा 
मंगलवार को शहावपुर गांव में वन विभाग के लोगों ने दो-दो पिंजरे रखवा दिए। इसके साथ ही जाल भी गांव में रखवाया। बावजूद इसके न तो पिंजरे में मांस रखा गया और न ही अधिकारियों के कथनानुसार उसमें कुत्ता बांधा गया। बस पिंजरा खोलकर रख दिया गया। शायद वन विभाग के लोगों को लगा होगा कि तेंदुआ स्वयं ही इसमें आकर बैठ जाएगा। अब इसे लापरवाही नहीं तो और क्या समझा जाए। 
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गांव में दो महीने से घूम रहा है तेंदुआ 
शहाबपुर के ग्रामीणों के अनुसार गांव में दो महीने से तेंदुआ घूम रहा है। अभी तक जब भी कोई इस तरह का जानवर दिखने की बात कहता था तो लोग उसका मजाक उड़ाते थे। अब जब तेंदुआ दिख गया है तो लेागों को अब इस तरह की बातों पर विश्वास होने लगा है। इसके पहले भी कई बार जानवरों को तेंदुआ मारकर खा चुका है। ग्रामीण इसे कुत्तों का ही हमला मानते थे। अब जब ग्रामीणों ने ध्यान देना शुरू किया है तो तेंदुए के पैरों के निशान भी लगतार मिल रहे हैं।
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