पूर्व विधायक बृजेश सौरभ भाजपा से सदर सीट के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे थे। 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी वह सदर सीट से भाजपा से टिकट मांग रहे थे, लेकिन आखिरी वक्त में यह सीट अपना दल एस के खाते में चली गई।
भाजपा नेता और पूर्व विधायक बृजेश सौरभ सपा में शामिल हो सकते हैं। शनिवार को रायबरेली में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से हुई मुलाकात के बाद उनके सपा में जाने को लेकर लंबे समय से लगाए जा रहे कयासों पर विराम लग गया। जल्द ही वह समाजवादी पार्टी की सदस्यता ले सकते हैं।
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पूर्व विधायक बृजेश सौरभ भाजपा से सदर सीट के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे थे। 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी वह सदर सीट से भाजपा से टिकट मांग रहे थे, लेकिन आखिरी वक्त में यह सीट अपना दल एस के खाते में चली गई। 2019 में अपना दल एस के विधायक रहे संगमलाल गुप्ता के सांसद चुने के बाद वह टिकट को लेकर उपचुनाव में भी खासे सक्रिय रहे, लेकिन एक बार फिर यह सीट अपना दल एस के खाते में चली गई।
सदर इलाके में ब्राह्मण वोटरों में अच्छी पकड़ रखने वाले बृजेश सौरभ अभी कुछ दिनों पहले उस वक्त अचानक चर्चा में आ गए थे जब उन्होंने प्रतापगढ़ में मेडिकल कॉलेज का नाम अपना दल के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल के नाम पर रखे जाने को लेकर अपनी ही सरकार का विरोध कर दिया था। वह लंबे समय तक मेडिकल कॉलेज का नाम बदलने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते रहे।
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इसके अलावा बृजेश सौरभ ने गुजरात कैडर के आईएएस रहे अरविंद शर्मा के राजनीति में आने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग की थी। इसके बाद से उनकी भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से खटपट चल रही थी। इस बात की चर्चा जोरों पर थी कि वह सपा में शामिल हो सकते हैं। शनिवार को अखिलेश यादव से हुई मुलाकात के बाद यह तय हो गया कि वह सपा में शामिल होने जा रहे हैं। पूर्व विधायक बृजेश सौरभ ने बताया कि उनकी मुलाकात अखिलेश यादव से हुई है। जल्द वह सपा की सदस्यता ले सकते हैं।