शहीद हरिश्चंद्र पाल। फाइल फोटो
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छत्तीसगढ़ में ड्यूटी के दौरान नक्सली हमले में सीआरपीएफ का जवान शहीद हो गया। देर शाम घटना की जानकारी घर पहुंची तो कोहराम मच गया। जवान का परिवार भोपाल मेें रहता है। मां को साथ लेकर बड़ा भाई भोपाल रवाना हो गया। उसके घर पर गांव के लोगों का जमघट लगा रहा। हर कोई हमले के बारे में जानकारी के लिए परेशान था।
संग्र्रामगढ़ थाना क्षेत्र के विजयीमऊ निवासी हरिश्चंद्र पाल (44) पुत्र दशाराम पाल सीआरपीएफ में थे। मौजूदा समय में उनकी ड्यूटी छत्तीसगढ़ में थी। उनकी मां सरस्वती देवी अपने बड़े बेटे के साथ विजयीमऊ में ही रहती थीं। जबकि पत्नी लक्ष्मी पाल अपनी इकलौती बेटी निष्ठी के साथ भोपाल में रहती है।
गुरुवार रात नक्सली हमले में हरिश्चंद्र पाल शहीद हो गए। इसकी खबर शाम को बड़े भाई के पास पहुंची। भाई के शहीद होने की खबर सुनते ही वह रोने लगे। परिवार में कोहराम मच गया। शोरशराबा सुनकर गांव के लोगों का जमघट लग गया। घटना की जानकारी के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल व्याप्त हो गया।
हर कोई नक्सली हमले के बारे में जानकारी करने का प्रयास करता रहा। शहीद हरिश्चंद्र की मां सरस्वती अपने बड़े बेटे के साथ भोपाल के लिए रवाना हो गईं। घर पर लोगों का आना-जाना लगा रहा। शहीद हरिश्चंद्र तीन भाइयों में बीच के थे। बड़ा भाई घर पर रहकर खेती बारी का काम करता था। जबकि छोटा भाई भोपाल में परिवार के साथ रहता था।