साथियों की मदद से मिथलेश ने पूरा नेटवर्क फैला रखा था। फिलहाल शनिवार को शाहजहांपुर पुलिस के हत्थे चढ़े मिथलेश प्रजापति के तार प्रतापगढ़ से जुड़े होने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने जांच पड़ताल की। मगर यहां कोई सुराग नहीं मिला और न ही उसका कोई साथी ही मिला। परिवार के लोग भी उसकी करतूत सुनकर हैरत में पड़ गए। मजीठी में उसके चाचा कड़े प्रसाद, रोहित कुमार व बाबा रामदुलार रहते हैं। बाबा रामदुलार ने बताया कि मिथलेश का सालों से कोई पता नहीं है। न ही उससे किसी की बात होती है।
पिता को पुलिस कार्रवाई की नहीं थी जानकारी
रविवार को बेटे मिथलेश प्रजापति की बाबत जब पूछा गया तो पिता माता प्रसाद प्रजापति बोल पड़े कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है। रेल विभाग के इंजीनियरिंग विभाग से सेवानिवृत्त माता प्रसाद व उसका पूरा परिवार मिथलेश की करतूत से खुद को शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं। मिथलेश की पत्नी व बेटी भी बरेली में सास ससुर के रहती हैं। माता प्रसाद ने बताया कि जब कभी मिथलेश से बात होती तो वह यही बताता कि प्राइवेट काम के सिलसिले में बाहर जाना पड़ता है। इसलिए घर आने का समय नहीं मिल पाता।