कचहरी में एक बजकर पैंतीस मिनट पर रही भीड़।
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कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए कचहरी में वादकारियों के प्रवेश पर 21 मार्च तक प्रतिबंध लगा दिया गया है। न्यायालयों में सिर्फ जमानत और नए मामलों की ही सुनवाई होगी। सभी गैर जरूरी वादों को टाल दिया गया है। उधर, दीवानी परिसर में आने-जाने वाले वकीलों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक कोई पहल नहीं की है।
जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज भले हीं नहीं मला है, मगर संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए दीवानी परिसर में पूरी तरह सावधानी बरती जा रही है। कोर्ट ने सभी वादकारियों को 21 मार्च तक कोर्ट नहीं आने की सलाह दी है। इस दौरान न तो कोई मुकदमा खारिज किया जाएगा और न ही किसी की सुनवाई होगी।
उच्च न्यायालय प्रयागराज के निर्देश पर जिले में मंगलवार से यह व्यवस्था लागू हुई। जमानत याचिकाओं और नए मुकदमों की सुनवाई होती रहेगी। मंगलवार को न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर चर्चा करते रहे। अधिकांश जजों ने सुरक्षा के चलते मॉस्क लगा रखा था तो कुछ अपने चेंबर से बाहर नहीं निकले।
कोरोना के संक्रमण को देखते हुए अधिवक्ता और जज तो अलर्ट रहे, मगर स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए कोई प्रबंध नहीं किया है। मंगलवार को मेटल डिटेक्टर से वकीलों की जांच तो होती रही, मगर कोरोना वायरस की जांच के लिए कोई पहल अभी तक नहीं की गई है। हां इतना जरुर था कि कचहरी आने वाले वादकारियों को पुलिस बलपूर्वक बाहर निकाल रही थी।