प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता गिरफ्तार
बस से पुलिस ले गई कोतवाली, चालान के बाद शाम को हुई रिहाई
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। तमिलनाडु में जबरन धर्म परिवर्तन कराने से आहत हाईस्कूल की छात्रा के आत्महत्या करने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पुलिस ने शांतिभंग में चालान कर दिया। नगर कोतवाली पुलिस नारेबाजी कर रहे छात्र नेताओं को बस में बिठाकर नगर कोतवाली ले गई और देर शाम शांतिभंग की आशंका में चालान किया। हालांकि एसडीएम सदर कोर्ट से जमानत के बाद कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया।
शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता तमिलनाडु में जबरन धर्म परिवर्तन के मामले में छात्रा के आत्महत्या के विरोध में एमडीपीजी कॉलेज के सामने धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। सड़क पर जाम लगाकर आवागमन बाधित करने वाले कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हटाने का प्रयास किया, मगर वे तैयार नहीं थे। इस पर पुलिस ने कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कार्यकर्ताओं से नगर कोतवाली चलने के लिए कहा, लेकिन वे तैयार नहीं हुए। इस पर पुलिस बस में सभी कार्यकर्ताओं को भरकर नगर कोतवाली ले आई और शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया। देर शाम एसडीएम कोर्ट से जमानत मिलने पर कार्यकर्ता रिहा किए गए। पुलिस की इस कार्रवाई की जिला संयोजक रमेश सिंह पटेल ने निंदा की। उन्होंने कहा कि हम लोग अपने साथियों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु में प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह सरकार की तानाशाही है। इस मौके पर सुधांशु मिश्र, अतिथि शर्मा, बालजी ओझा, रामेंद्र मिश्र, राम मिश्रा, आयुष, शुभम मिश्रा, श्याम मिश्र, दिव्यांश, सत्यम सिंह, प्रभुजोत सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
पूर्ति निरीक्षक और कोटेदार ने हजम कर लिया चना और नमक
डीएम से शिकायत कर गांव के लोगों ने वितरण कराने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। पट्टी तहसील के पूर्ति निरीक्षक और कोटेदार मिलकर उपभोक्ताओं के हिस्से का राशन, चना और नमक हजम कर रहे हैं। आरोप है कि कोटेदार अफसरों के कहने के बाद भी वितरण करने के लिए तैयार नहीं है।
पट्टी इलाके की ग्राम पंचायत दुबौली सुखऊ के सत्यनारायण पांडेय, प्रभावती, चमेला देवी, लालमणि, बलवंत सिंह, दुर्गावती, रामअचल सिंह, राजकुमार, विजय कुमार, महेश सिंह, घनश्याम सहित लगभग दो दर्जन उपभोक्ताओं ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि पूर्ति निरीक्षक और कोटेदार की मिलीभगत से राशन, चना और नमक हजम कर लिया गया है। सत्य नारायण पांडेय ने बताया कि फरवरी माह में प्रथम चरण का गेहूं-चावल दिया गया, मगर चना और नमन यह कहकर नहीं दिया गया कि अभी आया नहीं है। अब चना और नमक मांगने पर कोटेदार कहते हैं कि हमारा कोटा रामपुरखागल में संबद्ध कर दिया गया है। गांव के लोगों ने डीएम से पूरे प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की है।