लॉकडाउन का असर कहें या कुदरत का बदलाव। लगभग दस वर्ष बाद ऐसा हुआ है जब अप्रैल माह में गर्मी का असर पूरी तरह गायब रहा। अप्रैल माह में प्राय: अधिकतम तापमान 40.0 डिग्री के पार रहता था, मगर इस बार पूरे माह में सिर्फ 16 अप्रैल को तापमान 40.0 डिग्री पर पहुंचा। दूसरे दिन ही इसमें गिरावट दर्ज की गई। मई में भी पारा 33.3 डिग्री पर स्थिर है।
जिले में वर्षों बाद ऐसा देखने को मिला है कि अप्रैल माह में गर्मी नहीं पड़ी है। अप्रैल माह में प्राय: तापमान 40.0 डिग्री के ऊपर रहता था, मगर बीते अप्रैल माह में सिर्फ 16 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.0 पर पहुंचा था। जबकि 17 अप्रैल को ही तापमान लुढ़ककर 39.5 पर आ गया।
18 अप्रैल को तापमान 38.5 पर आ गया। दरअसल, लॉकडाउन के दौरान इस बार अप्रैल माह में आंधी और पानी हर दूसरे दिन आता रहा। आंधी-पानी आने से तापमान में वह बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली, जो पूर्व के वर्षों में होती थी। फिलहाल ऐसा दस वर्ष बाद हुआ है कि अप्रैल माह में अधिकतम तापमान 40.0 डिग्री से कम रहा है। मई माह में भी तापमान बढ़ने का नाम नहीं ले रहा है।
दो मई को अधिकतम तापमान 32.0 डिग्री और तीन मई को 33.3 और चार मई को 36.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे लगता है कि मौसम की नरमी से चलते इस वर्ष मई माह में भी गर्मी का असर कम रहेगा। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि अप्रैल माह में सात दिन बूंदाबांदी के साथ बरसात हुई थी, इससे मौसम शुष्क हो गया था।