सर्वे में मिले फीडबैक के बाद चर्चा तेज
विश्वनाथगंज विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में अपना दल एस के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन के बाद विश्वनाथगंज व सदर सीट समझौते में अद एस के खाते में चली गई। अब 2022 के चुनाव में भाजपा की फिर इन दोनों सीटों पर नजर है। इसे लेकर पार्टी मंथन कर रही है। पिछले दिनों संघ व भाजपा की टीम के द्वारा किए गए सर्वे में मिले फीडबैक के बाद इसे लेकर चर्चा तेज है।
पार्टी के जिले के पदाधिकारी भी इसके लिए पूरा जोर लगाए हुए हैं। वह सदर व विश्वनाथगंज सीट को पाले में लाने के लिए पार्टी आलाकमान को यहां के समीकरण से भी अवगत करा रहे हैं। प्रदेश कार्यकारिणी से आने वाले पदाधिकारियों के साथ भी बैठकों में सीटों के उलटफेर को लेकर मंथन हो रहा है। जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्रा ने बताया कि सदर व विश्वनाथगंज सीट को भाजपा के खाते में लाने के लिए प्रयास चल रहा है। पार्टी आलाकमान को भी इससे अवगत कराया गया है। इन दोनों सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी है।
बाबागंज व रामपुर में भी कमल खिलाने की तैयारी
भाजपा की निगाह इस बार बाबागंज व रामपुर खास विधानसभा सीट पर भी गड़ी हुई है। बाबागंज विधानसभा सीट आरक्षित है। यहां से राजाभैया समर्थक विनोद सरोज निर्दल विधायक हैं। लंबे समय से यह सीट राजाभैया के कब्जे में है। इसके अलावा रामपुर खास विधानसभा सीट पर कांग्रेस से आराधना मिश्रा मोना विधायक हैं। वर्षों से यह सीट कांग्रेस के कब्जे में हैं। इस बार भाजपा इन दोनों सीटों पर कमल खिलाने की तैयारी में जुटी हुई है। बाबागंज में लगातार बैठक व सभाएं भी की गई हैं। रामपुर खास में मुख्यमंत्री ने भी जनसभा की थी।