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प्रतापगढ़: 25 हजार के इनामी बदमाश को पुलिस से मुठभेड़ में लगी गोली

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खीरीवीर घाट पर पुलिस मुठभेड़ में घायल बदमाश आमिर का इलाज करते स्वास्थ्यकर्मी। - फोटो : प्रतापगढ़
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जिला जेल के प्रधान बंदीरक्षक और कोचिंग संचालक की हत्या में फरार चल रहे 25 हजार के इनामी बदमाश को पुलिस ने मुठभेड़ में दबोच लिया। जबकि उसका साथी भाग निकला। पुलिस की गोली उसके बाएं पैर में लगी। उसे जिला अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने प्रयागराज रेफर कर दिया। खबर मिलने पर पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके से एक पिस्टल, एक तमंचा व बाइक बरामद हुई। 

शनिवार की रात शहर कोतवाल रवींद्र श्रीवास्तव मातहतों के साथ जेलरोड क्रासिंग के पास बदमाशों की धरपकड़ के लिए निकले थे। कुछ देर में सर्विलांस टीम भी आ गई। तभी अचलपुर की ओर से बाइक से दो युवक आते दिखे। पुलिस को देख दोनों बाइक मोड़कर खीरीबीर की ओर भागने लगे। शक होने पर पुलिस ने पीछा किया तो भागते समय बाइक पर पीछे बैठे युवक ने फायर कर दिया।
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खीरीबीर पुल के पास बाइक छोड़ कर दोनों फायरिंग करते हुए जंगल की ओर भागे। पुलिस की फायरिंग में एक बदमाश के बाएं पैर में गोली लग गई। जिससे वह गिर पड़ा। उसका साथी भागने में कामयाब रहा। पुलिस की गोली से घायल बदमाश आमिर पुत्र फैयाज निवासी यहियापुर थाना कंधई को जिला अस्पताल लाया गया। उसकी हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने प्रयागराज रेफर कर दिया।

सूचना पर पुलिस अधीक्षक एस आनंद और एएसपी पूर्वी अवनीश मिश्रा भी जिला अस्पताल पहुंच गए। पूछताछ के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया। जहां से एक बिना नंबर की बाइक, पिस्टल, तमंचा, दो खोखा व तीन कारतूस बरामद हुआ। एसपी एस आनंद ने बताया कि कंधई के बिबियाकरनपुर में कोचिंग संचालक की घर के करीब गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

हत्या में आमिर का नाम सामने आया था। घटना के बाद वह फरार चल रहा था। उसके ऊपर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। आमिर का साथी कलाम निवासी छत्ता का पुरवा नगर कोतवाली भागने में कामयाब रहा। पूछताछ में आमिर ने बताया कि वह जेल के प्रधान बंदीरक्षक हरि नारायण त्रिवेदी की हत्या में शामिल था।

उसने अपने साथी अंसार व मकसूद के साथ मिलकर रेकी की थी। जबकि हसन मुल्ला और तौकीर ने उसे गोली मारी थी। सिपाही की हत्या तौकीर व जब्बा को जेल में बेइज्जत करने का बदला लेने के लिए की गई थी। जेल में दबदबा बनाए रखने के लिए भी यह किया गया था, ताकि कोई भी उनके साथियों को परेशान करने का साहस न जुटा सके।

गोलियों की तड़तड़ाहट से सनसनी
आधी रात को गोलियों की तड़तड़ाहट से किशुनदासपुर, जिरियामऊ में सनसनी फैल गई। पुलिस वाहनों के हूटर के साथ फायरिंग की आवाज सुनकर हर कोई खौफ में दिखा। रात में कोई मामले की जानकारी करने के लिए बाहर तक नहीं निकला। करीब 20- 25 राउंड फायरिंग हुई।

हर बार चूक जा रहा पुलिस व बदमाशों का निशाना
बदमाशों की पुलिस से कई बार मुठभेड़ हो चुकी है। शातिर व इनामी अपराधियों को गोली मारकर पकड़ने वाली पुलिस का निशाना हर बार चूक जाता है। पुलिस की गोली बदमाश के पैर में ही लगती है। बदमाश की गोली जब भी चलती है तो पुलिसकर्मियों के हाथ को छूकर निकल जाती है।
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कहत रहे न, अब कैसे चलाउब टरकिया
पुलिस की गोली से घायल बदमाश आमिर निवासी यहियापुर को जिला अस्पताल लाया गया। यहां उपचार के दौरान वह बार-बार कहता रहा कि कहत रहे न कि गोली नीचे मरिहा, अब ऊपर गोली मारे अहा, हम कैसे अब टरकिया चलाउबय। यह सुनने के बाद पुलिस अफसर उसे शांत कराते रहे। फिलहाल पुलिस मुठभेड़ की कहानी की चर्चा जोर शोर से होती रही।
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