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धनराशि हजम करने वाले प्रधान नहीं लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव

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गांवों के विकास के लिए मिलने वाली धनराशि हजम करने वाले प्रधानों की घेराबंदी पंचायत राज विभाग ने शुरू कर दी है। गांव के विकास की मिलने वाली रकम हजम करने वाले ग्राम प्रधान अगला पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। घपलेबाज प्रधानों को चुनाव लड़ने के लिए जिला पंचायती राज विभाग एनओसी नहीं देगा। पंचायत राज निदेशक के आदेश पर गांवों का आडिट कराने की तैयारी प्रारंभ हो गई है। गड़बड़ी करने वाले प्रधानों की अलग से सूची तैयार होगी।
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जिले में भी ग्राम पंचायतों का कार्यकाल कुछ माह बाद खत्म होने जा रहा है। इसी साल ग्राम पंचायत का चुनाव संभावित है। प्रधानी का चुनाव लड़ने वाले अभी से ही ताल ठोंकने लगे हैं। अभी तक प्रधानों के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की शिकायतें भी हो रहीं हैं। गांव में कराए गए विकास कार्यों के गड़बड़ी की बात आडिट के दौरान ही सामने आती है।
इसके बाद भी प्रशासन ऐसे लोगों पर शिकंजा नहीं कस सका। जिले में भी शासनादेश के विपरीत करोड़ों रुपये की सोलर व एलईडी लाइट लगाई गई है। जिसकी जांच के बाद कार्रवाई का आदेश जिला प्रशासन ने दिया है। चुनावी वर्ष के दौरान पंचायत राज निदेशक किंजल सिंह ने एक-एक ग्राम पंचायत का पूरे कार्यकाल का आडिट कराने के आदेश दिए हैं। राज्य वित्त, 14वां वित्त और परफारमेंस ग्रांट की रकम के खर्च का आडिट किया जाएगा।
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आडिट में गबन की पुष्टि होने पर ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव से तुरंत रकम की वसूली कराने को कहा है। वसूली की रकम का जिक्र कैशबुक में भी कराना होगा। ग्राम पंचायत का आडिट पूरा होने पर ही मौजूदा प्रधान अगला चुनाव लड़ सकेंगे।
गबन करने वाले प्रधानों की सूची तैयार होगी। ऐसे लोगों को चुनाव के दौरान अदेयता प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा। प्रभारी डीपीआरओ आरसी शर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायतों का आडिट कराने के आदेश पूर्व में दिए जा चुके हैं। शासन का जो भी निर्देश होगा। उसका अनुपालन कराया जाएगा।
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