बाजारों एवं कस्बों में बिजली चोरी का खेल ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगा। स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली चोरी के खेल पर जल्द अंकुश लगने की संभावना जताई जा रही है। विभागीय टीम ने जिले के ऐसे बाजारों एवं कस्बों में बिजली चोरी करने वालों को चिन्हित कर लिया है, जहां अधिक बिजली चोरी होती है। विभाग को स्मार्ट मीटर के सिलसिले में डिमांड सूची भेजी गई है।
जिले में चार विद्युत पारेषण खंड है। सदर, लालगंज, कुंडा, रानीगंज। इनके दायरे में करीब 65 उपकेंद्र आते है। जिनसे करीब 4 लाख उपभोक्ता जुड़े हुए है। बिजली चोरी के चलते जिले में 35 प्रतिशत लाइन लॉस हो रहा है। इसके जितने दोषी कटियामार है, उतने ही पंजीकृत उभोक्ता भी। दरअसल गांवों के बाजारों एवं कस्बों में दुकानदार घरेलू कनेक्शन लेकर पंजीकृत उपभोक्ता तो बन गए है मगर इसकी आड़ में वह कार्मिशयल कनेक्शन के माफिक बिजली का उपभोग कर रहें हैं।
विभाग बिजली ने चोरी रोकने के लिए घर- घर मीटर लगाओ अभियान शुरु किया है। जिले भर में मीटर लगाने का अभियान प्रगति पर है। मगर विभाग कस्बों एवं बाजारों में घरेलू कनेक्शन की आड़ में हो रही बिजली चोरी रोकने की अलग रणनीति तैयार कर चुका है। विद्युत विभाग की टीम ऐसे कस्बों एवं बाजारों में बिजली चोरी करने वालों को लगभग चिन्हित कर चुकी है, जहां बिजली चोरी अधिक है। जिले के रानीगंज क्षेत्र के सुवंसा, रानीगंज लिलहा, दुर्गागंज, जामताली, रामापुर, पट्टी के रखहा, उड़ैयाडीह, दीवानगंज, पृथ्वीगंज, बंधवा, कुंडा के मानिकपुर, जेठवारा, डेरवा, सांगीपुर, रानीगंज अजगरा, मोहनगंज, रानीगंज कथौला, सगरा, सदर के पृथ्वीगंज, मांधाता, चिलबिला, किशुनगंज बाजार, कोहड़ौर सहित ऐसे करीब चार दर्जन से अधिक बाजार एवं कस्बे है, जहां मानना है कि बिजली चोरी अधिक है।
यहां घरेलू कनेक्शन की आड़ में लोग राईस मिल तक चला रहे हैं। विभाग इन बाजारों एवं कस्बों में बिजली चोरी रोकने के लिए स्मार्ट मीटर लगाने जा रहा है। विभागीय टीम ने इसकी सूची तैयार कर स्मार्ट मीटर की डिमांड विभागीय अधिकारियों को भेज दी है। एसडीओ मीटर मगन सिंह ने बताया कि जल्द ही मीटर आने की संभावना है। टेंडर कराकर ठेकेदार मीटर लगाने का कार्य शुरू कर देंगे।
जितने का रिचार्ज, उतनी बिजली
बिजली के लिए स्मार्ट मीटर को मोबाइल की तरह ही रिचार्ज कराना होगा। रिचार्ज खत्म होते ही स्मार्ट मीटर काम करना बंद कर देगा और कनेक्शन डिस्कनेक्ट हो जाएगा। फिर तभी बिजली आपूर्ति शुरु होगी जब मीटर रिचार्ज होगा। विभाग का मानना है कि बिजली की खपत के अनुसार बिल मिलेगा। इससे राजस्व में बढ़त मिलेगी।
आनलाइन होगी कनेक्टिविटी, नहीं कर सकेंगे छेड़छाड़
जितने भी स्मार्ट मीटर लगाएं जाएंगे, सभी की कनेक्टिविटी आनलाइन होगी। जिला मुख्यालय पर स्थिति कार्यालय पर बने पैनल में सबका ब्यौरा होगा। खास बात यह है कि अन्य मीटरों की तरह स्मार्ट में मीटर में छेड़छाड़ की तनिक भी गुंजाइश नहीं रहेगी। यदि प्रयास भी किया गया तो मेनपैनल फौरन बता देगा। बताया जा रहा है कि इसमें चिप लगा रहेगा।