तहसील क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में लगतार चौबीस घंटे बत्ती गुल रहने से ग्रामीण चिलचिलाती गर्मी से उबल गए। ट्रांसमिशन के अधिकारियों की मनमानी से बिजली नहीं मिली तो लोगों में आक्रोश पनप उठा। एसडीएम से मिलकर नाराज लोगाें ने अधिकारियों की मनमानी से शिकायत की है। लागलंज तहसील से दर्जनभर विद्युत उपकेंद्रों की विद्युत आपूर्ति की केबिल भुपियामऊ से अलग करने काम बुधवार को होना था। इसके लिए इलेक्ट्रिक ट्रांसमिशन के अधिकारियों ने एक दो व चार जून को दिन के रोस्टर बंद रखने कर निर्णय लिया। इसके तहत 31 मई की आधी रात 1 बजे बिजली काट दी गई। अधिकारियों ने अखबारों में खबर दे रखी थी कि बुधवार को दिन का रोस्टर नहीं आएगा। शाम को छह बजे लोगाें को बिजली उपलब्ध हो जाएगी। भयंकर गर्मी में दिन भर गांवों में बिजली नहीं मिलने से लोग हलाकान हो गए थे। पूर्व निर्धारित समय के मुताबित शाम को छह बजे बिजली नहीं आई तो लोग वितरण के एसडीओ व जेई को फोन घनघनाने लगे।
पहले लोगों को बताया गया कि ट्रांसमिशन के लोग भुपियामऊ में लाइन अलग करने का काम कर रहे हैं, इससे रात नौ बजे बिजली मिलेगी। इसके बाद भी बिजली नहीं आई तो लोगाें को बताया गया दस बजे तक सप्लाई आएगी। फिर नहीं आई तो 11 बजे तक विद्युत आपूर्ति उपलब्ध होने की बात कही गई। लेकिन इस बार भी बिजली नहीं आई तो अधिकारियों ने कुछ भी बताने से हाथ खड़ा कर दिया। लगातार बाइस घंटे से बिजली नहीं मिलने से लोग गर्मी में बौखला गये। नाराजगी व्यक्त करते हुए कई लोग स्थानीय उपकेंद्रों पर पहुंचकर आक्रोश व्यक्त करने लगे। एसडीएम वाईबी सिंह से भी मिलकर लोगों ने बिजली नहीं मिलने की शिकायत की। इसके बाद भी कोई असर नहीं हुआ और बत्ती गुल रहीे। लोगाें में आक्रोश पनपने की जानकारी होने पर किसी तरह रात एक बजे लोगाें के बिजली मिली तो जाकर कुछ राहत मिल सकी। चिलचिलाती गर्मी में लगातार 24 घंटे बाद सैक ड़ों गांव के लोगाें को बिजली मिली लेकिन महज दो घंटे बाद सप्लाई फिर ठप हो गई। बता दें कि ट्रांसमिशन के अधिकारियाें ने दिन के रोस्टर में कटौती की बात कही थी, लेकिन मनमानी करते हुए क्षेत्र की सप्लाई लगातार चौबीस घंटे ठप रखी।