जिले में जनसंख्या पखवाड़ा का अफसर मजाक बना रहे हैं। इस अभियान में महज 170 महिलाओं और पांच पुरुषों की ही नसबंदी कराई जा सकी। जनसंख्या नियंत्रण के लिए शासन के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग जनसंख्या पखवाड़ा चला रहा है। शासन ने इस दौरान 280 पुरुष तो 1358 महिलाओं की नसबंदी का लक्ष्य दिया था।
यह पखवाड़ा 11 से 24 जुलाई तक चला। इस बीच महज 170 महिलाएं और पांच पुरुषों ने ही नसबंदी कराई। जागरुकता के अभाव में लोग नसबंदी कराने से कतरा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसर हैं कि वे प्रचार-प्रसार करना उचित नहीं समझ रहे हैं। वर्ष 2019-20 में 26 पुरुष और 424 महिलाओं ने नसबंदी कराई थी।
कोरोना काल होने पर भी 2020-2021 में 66 महिलाओं ने नसबंदी कराई। 2021-22 में संचालित नसबंदी पखवाड़े में महज पांच पुरुष और 170 महिलाओं ने नसबंदी कराई। सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2019-20 में जनसंख्या पखवाड़े में नसबंदी कराने वाले लोगों को अभी तक प्रोत्साहन राशि नहीं मिल सकी है।
ज्यादातर आशा बहुओं की ड्यूटी कोरोना टीकाकरण और आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने में लगा दी गई है। ऐसे में आशा बहुएं इस बार नसबंदी पखवाड़े में काम नहीं कर पाई हैं। इसमें तेजी लाने का प्रयास जारी है। राजशेखर, डीपीएम