चेकिंग के दौरान भुपियामऊ में डायल 112 के सिपाही को गोली मारने वाले 25 हजार के इनामी बदमाश को पुलिस ने मुठभेड़ में दबोचने का दावा किया है। पुलिस का दावा है कि बदमाश ने पुलिसकर्मियों को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लग गई। उसके पास से पिस्टल व चोरी की बाइक बरामद हुई है। उधर, लोगों में उसके रविवार दोपहर में ही गिरफ्तार करने की चर्चा है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि मानधाता के अकोढ़िया निवासी रणजीत सिंह (30) पुत्र धर्मराज सिंह के ऊपर 10 मुकदमे दर्ज हैं। उसकी तलाश में स्वॉट टीम, नगर कोतवाली व मानधाता पुलिस लगातार दबिश दे रहीं थी। भुपियामऊ में सिपाही भोला सिंह पर जानलेवा हमला करने, एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर लोगों के खाते से रुपये उड़ाने, व्यापारी को अगवा कर पीटने के साथ ही अन्य आपराधिक मुकदमा दर्ज होने के कारण रणजीत पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
मानधाता से भागते समय रणजीत सिंह का एसओ प्रवीण कुशवाहा ने पीछा कर लिया। जानकारी के बाद स्वॉट टीम व नगर कोतवाली पुलिस भी उसे दबोचने के लिए घेराबंदी करने सिटी पहुंचीं। सामने पुलिस को देख वह नरवा की ओर भागा। खुद को पुलिस से घिरा देख रणजीत फायरिंग करने लगा।
जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लग गई। इससे वह गिर पड़ा। उसके पास से पिस्टल व चोरी की बाइक बरामद हुई। घायल बदमाश को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। पूछताछ में रणजीत सिंह ने स्वीकार किया कि भुपियामऊ में डायल 112 के सिपाही भोला को उसने गोली मारी थी। 12 सितंबर 2019 को भगवतगंज बाजार के पास से युवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष को अगवा कर मारापीटा और अकारी पुल के पास फेंक दिया। सहिजनपुर के प्रधान के साथ एटीएम कार्ड की क्लोनिंग करके लोगों के पैसे खाते से उड़ा देते हैं। रणजीत के खिलाफ कुल दस मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हैं।
आननफानन में रणजीत पर रखा गया 25 हजार इनाम
मानधाता के अकोढिय़ा निवासी रणजीत सिंह की पुलिस को काफी दिनों से तलाश थी। पुलिस की रिपोर्ट पर उसे जिला बदर भी किया जा चुका था। कुछ दिनों पहले मानधाता थानाध्यक्ष प्रवीण कुशवाहा ने उसे पकड़ने के लिए इलाके में मुनादी कराई। उस समय उसके ऊपर इनाम की घोषणा नहीं की गई। रविवार शाम तक उस पर इनाम होने की जानकारी पुलिस महकमे के अफसरों को नहीं थी। मुठभेड़ के बाद शातिर बदमाश रणजीत के ऊपर 25 हजार का इनाम घोषित होने की बात सामने आ सकी। फिलहाल पुलिस मुठभेड़ को लेकर जिले में खासी चर्चा है।
कानपुर में शहीद पुलिसकर्मियों को दी श्रद्धांजलि
कानपुर में बदमाशों से हुई मुठभेड़ के दौरान शहीद पुलिसकर्मियों को लोगों ने मौन धारण कर श्रद्धांजति अर्पित की। लोगों ने बाजार में कैंडिल जुलूस भी निकाला। चमरूपुर शुक्लान तिराहे पर सोमवार को कैंडिल मार्च निकाल कर लोग पहुंचे। लोगों ने दो मिनट का मौन धारण किया। लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ईश्वर शहीद पुलिसकर्मियों के परिवार वालों को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करे। नसीब नेता ने कहा की पूरा देश शहीदों के परिवार के साथ खड़ा है। तुलसीराम मिश्रा ने कहा कि विकास दुबे जैसे लोगों को इस समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है। इस मौके पर प्रधान जवाहरलाल मौर्य, जय प्रकाश शुक्ला, तफज्जुल हसन, इखलाक, राजू मिश्रा, हफीज, फरदीन, सेबू आदि लोग मौजूद रहे।
भाजपा नेता पहुंचे शहीद अनूप के घर
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश त्रिपाठी सोमवार को बेलखरी पहुंचे। शहीद दरोगा अनूप कुमार सिंह के परिजनों से मुलाकात कर सभी को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि कानून की रक्षा के लिए अनूप ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपने प्राणों को बलिदान कर दिया। जिले के लोगों को हमेशा उसके बलिदान पर गर्व रहेगा।