मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को पुलिस ने रविवार की रात में दबोच लिया। इधर दुष्कर्म पीड़िता मासूम बालिका की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने कार्रवाई व मदद के लिए जाम भी लगाया। हालांकि पुलिस के समझाने पर ग्रामीण मान गए। पुलिस अधीक्षक ने रात में महिला अस्पताल पहुंचकर पीड़िता व परिवार के लोगों से घटनाक्रम की जानकारी ली।
कंधई इलाके में शनिवार की रात नौ साल की बालिका घर में अकेली थी। उसकी मां पड़ोस की महिलाओं के साथ बाहर गईं थीं और भाई दूसरे बच्चों के साथ खेल रहा था। यह देख बालिका के पड़ोसी राजेश पटेल की आंखों में दरिंदगी उतर आई। उसने बालिका को बिस्किट देने के बहाने बुलाया और पशुशाला में ले जाकर उसके साथ मुंह काला किया। इससे बालिका बेहोश हो गई। कुछ देर बाद बहन को खोजते हुए भाई घर से लगी पशुशाला में पहुंचा तो दंग रह गया। उसकी बहन खून से लथपथ पड़ी थी। उसे परिजन पट्टी सीएचसी ले गए। जहां डाक्टरों ने उसके साथ दुष्कर्म की घटना की जानकारी दी। यह खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हडक़ंप मच गया।
अधिक रक्तश्राव के कारण बालिका की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। जिसके चलते उसे उपचार के लिए महिला अस्पताल लाया गया। यहां पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा भी पहुंचे और पीड़िता के परिजनों से घटनाक्रम की जानकारी ली। इस मामले में पीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने पड़ोसी राजेश वर्मा पुत्र रामकरन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। रविवार की शाम ग्रामीणों ने पीड़िता की गरीबी को देखते हुए पट्टी- कोहड़ौर मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर कोतवाल संजय शर्मा मौके पर पहुंचे। तहसीलदार पट्टी ने आरोपी की गिरफ्तारी और पीड़िता के परिवार को हर संभव मदद दिलाने का वादा किया। तब जाकर ग्रामीणों ने जाम हटाया। रविवार की रात कंधई पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी राजेश को गिरफ्तार कर लिया। उसके खून से सने कपड़े भी पुलिस को मिल गए हैें। एसपी के पीआरओ ने बताया कि आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया है।
मासूम बालिका के साथ दरिंदगी करने वाले पड़ोसी राजेश पटेल की हैवानियत से हर कोई गुस्से में है। पीड़िता के गांव के साथ ही आसपास के गांव में अब बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। जब घर की दहलीज के भीतर बेटियों की आबरू सुरक्षित नहीं है तो रात के अंधेरे में बाहर निकलने पर कैसे महफूज रह सकती है। रविवार को छोटी व बड़ी सभी बच्चियों पर उनकी मां और परिवार के अन्य सदस्य नजर रखे रहे। ऐसे में अब लोग अपनी बेटियों को अकेली न छोडने की बात कह रहे हैं।
महिला अस्पताल में दुष्कर्म की शिकार मासूम बालिका का उपचार चल रहा है। रात में ही कंधई पुलिसकर्मियों के अलावा एसपी ने महिला आरक्षी तैनात करने का निर्देश दिया। जिसके बाद दो शिफ्टों में महिला आरक्षी उसकी सुरक्षा में मुस्तैद हैं। परिवार के लोग भी काफी सदमे में हैं। पीड़िता की मां की आंखों से बराबर आंसू टपक रहा है। वह अब अपनी बेटी के भविष्य को लेकर चिंतित है। पुलिसकर्मी भले उसे सांत्वना दे रहे हैं लेकिन वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। पांच साल पहले पति की हादसे में मौत हो चुकी है। वह कच्चे आशियाने में बच्चों को लेकर रहती है।