नए साल के शुरू होते ही वाहनों के प्रदूषण की जांच कराने के लिए जेब ढीली करनी होगी। वाहन मालिकों को जांच कराने पर प्रमाण पत्र लेने के लिए दोगुने रुपये खर्च करने पड़ेंगे। बढ़ाई गई धनराशि सभी वाहनों पर लागू होगी। शासन के निर्देश पर परिवहन विभाग ने आदेश लागू कर दिया है। परिवहन विभाग ने अब पूरी प्रकिया आनलाइन कर दी है।
वाहनों की प्रदूषण जांच में 20 से 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। परिवहन विभाग ने पर्यावरण को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए प्रदेश भर में प्रदूषण जांच केंद्रों की संख्या बढ़ाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए विभाग ने इच्छुक लोगों को प्रदूषण जांच केंद्र खोलने का आफर दिया है।
एआरटीओ सुशील कुमार मिश्र ने बताया कि परिवहन विभाग ने जिले के करीब-करीब हर थाना क्षेत्र में कम से कम एक प्रदूषण केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए 2021 मार्च की तिथि निर्धारित की गई है।
मौजूदा समय में जनपद में करीब 14 प्रदूषण केंद्र संचालित हैं। इनकी संख्या और बढ़ाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है, जिससे सभी वाहन मालिकों को उनके क्षेत्रों में ही प्रदूषण जांच का फायदा मिल सके। बताया कि करीब पांच साल से प्रदूषण जांच की दरों में कोई इजाफा नहीं हुआ था। इसकी मांग केंद्र संचालक लगातार कर रहे थे।
जिसे देखते हुए सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद 1 जनवरी से प्रदूषण जांच की दरों को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। पूरी प्रक्रिया अब आनलाइन है। मैनुअल व्यवस्था खत्म कर दी गई है। उत्तर प्रदेश आनलाइन मोटरयान प्रदूषण जांच केंद्र योजना 2020 के तहत थानावार प्रदूषण केंद्र खोले जाएंगे। जिससे हर व्यक्ति आसानी से अपने क्षेत्र में ही अपने वाहन की जांच करा सके।
पीयूसी जांच की नई दरें
वाहन पहले रेट नया रेट
दुपहिया वाहन 30 रुपये 50 रुपये
तिपहिया व चार पहिया पेट्रोल वाहन 40 रुपये 70 रुपये
चार पहिया सभी प्रकार के डीजल वाहन 50 रुपय 100 रुपये
जनपद में वाहनों की संख्या
वाहन संख्या
कार 21650
तिपहिया 5233
मोटर साइकिल 350972
मोपेड 11240
मालवाहक वाहन 11036