जिले में 22 मार्च से 28 मार्च तक पेट्रोल की कीमतों में 4.69 रुपये और डीजल की कीमतों में 4.90 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। बुधवार को पेट्रोल 101.74 रुपये और डीजल 93.29 रुपये प्रति लीटर बिका। आठ दिन से लगातार कीमतों में हो रही बढ़ोतरी से वाहन मालिकों में खलबली मची है। डीजल और पेट्रोल के दामों में इजाफा होने से खाद्य सामग्रियों के साथ ही दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं।
जिले में 21 मार्च को पेट्रोल की कीमत 97.16 रुपये प्रति लीटर थी। 22 मार्च को इसमें 80 पैसे की बढ़ोतरी हुई। लगातार दूसरे दिन 23 मार्च को भी पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 80 पैसे का इजाफा हो गया। 24 व 25 मार्च को पेट्रोल की कीमतें स्थिर रहीं, लेकिन 26 मार्च को एक बार फिर से पेट्रोल के दाम में 79 पैसे का इजाफा हो गया। पेट्रोल की कीमतें यहीं नहीं रुकीं। 27 मार्च को फिर 40 पैसे का इजाफा होने के साथ प्रति लीटर कीमत 99.95 रुपये हो गई।
इसके ठीक अगले दिन 28 मार्च को प्रति लीटर पेट्रोल के दाम में 30 पैसे की वृद्धि हुई और कीमत प्रति लीटर 100.25 रुपये हो गई। मंगलवार और बुधवार को भी 80-80 पैसे की बढ़ोतरी के साथ पेट्रोल 101.74 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। जबकि डीजल की कीमतों में 5.50 रुपये की बढ़ोतरी होने से बुधवार को डीजल 93.29 रुपये प्रति लीटर बिका।
डीजल और पेट्रोल के दामों में लगातार इजाफा होने से खाद्य सामग्रियों के साथ ही दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम बढ़ना लगभग तय है। विधानसभा चुनाव के बाद से डीजल और पेट्रोल के दामों में लगातार इजाफा हो रहा है।
विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल और डीजल के दामों में जो बढ़ोतरी हो रही है। उससे साफ है कि आने वाले दिनों महंगाई और बढ़ेगी। चुनाव बाद डीजल, पेट्रोल के दाम बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही थी। महंगाई रोकने के लिए पहले डीजल और पेट्रोल के दामों पर रोक लगानी होगी। राजेंद्र कुमार केसरवानी, जिलाध्यक्ष, उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल