जनता कर्फ्यू के एक दिन पहले ही जिले में अघोषित बंदी जैसा माहौल दिखा। शहर की सड़कों पर प्रतिदिन उमड़ने वाली न वह भीड़ दिखी और न ही जाम से फंसे लोग दिखाई पड़े। सड़कों पर जहां भीड़ नहीं थी, वहीं मॉल, सिनेमाघर, कपड़ा, जेवरात और इलेक्ट्रानिक की दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा। अगर भीड़ कहीं दिख रही थी तो वह मेडिकल स्टोर और किराना की दुकानों पर थी।
शनिवार को शहर में अघोषित बंदी जैसा माहौल रहा। साप्ताहिक बंदी जरूर थी, मगर उसके बाद भी शहर की अधिकांश दुकानें इसलिए खुली थीं कि रविवार को जनता कर्फ्यू का आह्वान किया गया था। शनिवार को सरकारी कार्यालय भी खुले रहे। बाजारों में ग्राहकों की भीड़ देखने को नहीं मिली। पंजाबी मार्केट की गली से दोपहर में निकलना मुश्किल होता है, मगर शनिवार को इक्का-दुक्का लोग ही दिखाई पड़े।
पंजाबी मार्केट में कपड़े की अधिकांश दुकानें खुली रहीं, मगर दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते रहे। वन इंडिया, सिटी लाइफ, विशाल और वीटू मालशॉप में ताला लटकता रहा। जबकि कचहरी के सामने स्थित वीमार्ट के खुले होने की जानकारी होने पर एसडीएम सदर ने फोर्स के साथ पहुंचकर बंद कराया। शनिवार को लोग खाने-पीने की सामग्री को डंप करने में लगे रहे। शनिवार को किराना और मेडिकल स्टोरों पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिली।
people were not on road- फोटो : PRATAPGARH