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अमेठी पुलिस के खुलासे पर हैरत में हैं लोग

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अंतू के बरबंडा में मृत सत्य प्रकाश के घर पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री मोती सिंह। - फोटो : PRATAPGARH
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यूको बैंक का 26 लाख रुपये लूटने का खुलासा करने वाली अमेठी पुलिस की कार्यप्रणाली लोग सवाल उठा रहे हैं। परिजन खासे आहत हैं, बोले कि पुलिस अपनी नाकामी छिपाने के लिए मृत व्यापारी को मास्टरमाइंड बता रही है। जल्द ही प्रकरण को लेकर परिजन सीएम से मुलाकात करेंगे।
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अंतू थाना क्षेत्र के बरबंडा निवासी सत्य प्रकाश शुक्ल उर्फ साजन शुक्ला को यूको बैंक की 26 लाख रुपये लूट के मामले में सोमवार की रात एसओजी अमेठी और पीपरपुर पुलिस घर से जबरन उठा ले गई थी। साजन के साथ उनके दोनों बेटे राहुल व साहिल को भी पुलिस ले गई थी। आरोप है कि पुलिस अभिरक्षा में पिटाई के दौरान साजन की हालत बिगड़ गई।
सुलतानपुर अस्पताल में डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। बीस घंटे तक धरना प्रदर्शन व जाम लगाने के बाद अधिकारियों ने परिजनों की मांगों को पूरा कराने का भरोसा जताया था। इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। बुधवार की देर शाम अमेठी पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए दो बदमाशों को जेल भेज दिया।
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उनके पास से लूट के तीन लाख रुपये भी बरामद हुए। पकड़े गए जाकिर उर्फ गुड्डू निवासी भुलियापुर दहिलामऊ व साजिद के अलावा दूसरे बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया था। खुलासा करते हुए एसपी अमेठी ज्योति गर्ग ने मृतक साजन शुक्ल को घटना का मास्टरमाइंड बताया था। जिससे हर कोई हैरत में है। मृतक के भाई ओम प्रकाश का कहना है कि उनके भाई के जिंदा रहते पुलिस खुलासा न कर सकी। कई बार पूछताछ करने के लिए अमेठी पुलिस आई थी। पकड़े गए बदमाशों पर दबाव बनाकर पुलिस बयान दिलाई है।
अमेठी पुलिस की कारस्तानी के विरोध में वे लोग जल्द ही सीएम से मुलाकात कर हकीकत बताएंगे। घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। गुरुवार को पूर्व मंत्री व सपा नेता शिवाकांत ओझा, संजय पांडेय, बृजेश पटेल, जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव समेत अन्य नेताओं ने परिजनों को सांत्वना दी। पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रकरण की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में कमेटी बनाकर कराई जाए। ताकि परिजनों को इंसाफ मिल सके।
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