प्रतापगढ़ सदर विधानसभा के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा-अपना दल एस गठबंधन ने एकतरफा जीत हासिल की है। भाजपा-अद के संयुक्त प्रत्याशी राजकुमार पाल समाजवादी पार्टी के बृजेश वर्मा को 29721 वोटों से हराकर सदर के नए विधायक बने हैं। सपा, बसपा और कांग्रेस को अद प्रत्याशी की जीत के अंतर से भी कम मत मिले।
अलबत्ता, जिले में पहली बार चुनाव लड़ रही एआईएमआईएम ने सबको चौंका दिया। एआईएमआईएम के प्रत्याशी इसरार अहमद बीस हजार से भी अधिक वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे। उन्होंने कांग्रेस और बसपा प्रत्याशी को पीछे छोड़ दिया।
सदर विधायक रहे संगमलाल गुप्ता के सांसद चुने जाने के बाद हुए उपचुनाव में कुल 11 प्रत्याशी मैदान में थे। परिणाम के लिए गुरुवार को महुली मंडी में सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हुई। पहले राउंड में ही भाजपा-अद के प्रत्याशी राजकुमार पाल ने 1500 मतों से लीड ले ली। इसके बाद हर राउंड में वह लगातार बढ़त बनाते चले गए।
27 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद राजकुमार ने सपा, कांग्रेस, बसपा और एआईएमआईएम से दोगुने से भी अधिक मतों से बढ़त हासिल कर ली। राजकुमार पाल को कुल 52949 मत मिले। जबकि सपा प्रत्याशी बृजेश वर्मा 23228, कांग्रेस प्रत्याशी नीरज मिश्रा 19715, बसपा प्रत्याशी रणजीत पटेल 19000 वोट ही हासिल कर सके। इस तरह राजकुमार पाल ने 29721 मतों के भारी अंतर से जीत हासिल की। जिले में पहली बार चुनाव में कूदी एआईएमआईएम ने अपने प्रदर्शन से सबको दंग कर दिया।
पार्टी के प्रत्याशी इसरार अहमद ने कांग्रेस और बसपा को पीछे छोड़ते हुए 20269 वोट हासिल किए। माना जा रहा है कि सदर विधानसभा सीट पर मुसलमानों ने सपा-बसपा और कांग्रेस को छोड़कर एआईएमआईएम को एकतरफा वोट दिए। जिसके चलते पहली बार में ही पार्टी तीसरे नंबर पर पहुंच गई।
उपचुनाव में प्रमुख पार्टियों के प्रत्याशियों को मिले मत
पार्टी प्रत्याशी मिले मत
अद-भाजपा राजकुमार पाल 52949
सपा बृजेश वर्मा 23228
एआईएमआईएम इसरार अहमद 20269
कांग्रेस नीरज मिश्रा 19715
बसपा रणजीत पटेल 19000
दूसरे और तीसरे नंबर के लिए हुई कांटे की टक्कर
सदर विधानसभा के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा-अद प्रत्याशी ने शुरू से अंत तक लगातार बढ़त बनाए रखी। कोई उनके नजदीक भी नहीं पहुंच सका। दूसरे और तीसरे नंबर के लिए रोचक मुकाबला हुआ। शुरुआत में 12 चरण तक की मतगणना में कांग्रेस दूसरे नंबर पर थी।
इसके बाद धीरे-धीरे सपा उससे आगे निकल गई। एआईएमआईएम शुरू में पांचवें नंबर पर थी। अंतिम राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद वह कांग्रेस और बसपा को पीछे छोडक़र तीसरे नंबर पर पहुंच गई।