50 हजार के इनामी बदमाश बबलू उर्फ साजिद को मुठभेड़ में मार गिरने की पुलिस की कहानी में कई छेद हैं। एसटीएफ व पुलिस का तर्क किसी के गले नहीं उतर रहा है।
पुलिस के मुताबिक मृतक बदमाश हत्या के नौ मामलों में वांछित था, लेकिन प्रतापगढ़ को छोडक़र किसी भी जिले में उसके खिलाफ इनाम नहीं घोषित था। अमूमन कच्छा-बनियान गिरोह के सदस्य असलहों का प्रयोग नहीं करते, लेकिन मुठभेड़ के दौरान तीन असलहे व बड़ी मात्रा में कारतूस भी बरामद हुई है।
एसटीएफ नोएडा के सीओ विनोद सिरोही व पुलिस के मीडिया सेल का दावा है कि बबलू उर्फ पतला ने अपने गैंग के साथ मिलकर 31 अगस्त 2003 को नगर कोतवाली के राजेंद्र यादव के घर में डकैती डाली थी। जिसमें गोली मारकर हीरालाल, उसकी पत्नी फूलकली व पोते अमन की हत्या कर दी थी। घर से लूटपाट कर बदमाश भाग निकले।
इस मामले में पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने खुलासा करते हुए सलीम उर्फ मोटा व समी उर्र्फ संजय दत्त पुत्र भूरा, शहवान उर्फ हीरा उर्फ तासीर पुत्र याद मोहम्मद, आसिदा पत्नी समी व साबा पत्नी भूरा निवासी कसाई टोला थाना कोतवाली कन्नौज को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस घटना में बबलू पुत्र भूरा फरार चल रहा था। प्रकरण में न्यायालय द्वारा सुनवाई करते हुए 31 जनवरी 2007 को सलीम उर्फ मोटा, समी उर्फ संजय दत्त, शहवान उर्फ हीरा को मृत्यु दंड की सजा सुनाई गई थी।
अभियुक्त आसिदा को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा व 50 हजार का अर्थदंड लगाया गया था। सवाल यह उठता है कि हमेशा पुलिस ही दावा करती रही है कि कच्छा-बनियान गिरोह के सदस्य घटना को अंजाम देने के दौरान डंडा, राड व ईंट पत्थर का प्रयोग करते हैं। हीरालाल समेत अन्य लोगों की राड से पीटकर हत्या की गई थी। जबकि पुलिस दावा कर रही है कि उन्हें गोली मारी गई थी।
दूसरा सवाल यह उठता है कि रानीगंज के चौहरजन व श्रीपुर के बीच जंगल में पुलिस कच्छा-बनियान गिरोह के बीच मुठभेड़ हुई। करीब बीस राउंड फायरिंग हुई। जब कच्छा बनियान गिरोह के सदस्य असलहे नहीं प्रयोग करते तो उनके पास एक बंदूक, एक पिस्टल, एक तमंचा व भारी मात्रा में कारतूस कहां से आ गया। पुलिस ने पूरी तरह से इलाके की घेराबंदी की, लेकिन इसके बाद भी चार बदमाश भाग निकले। कच्छा-बनियान गिरोह के बदमाश मोबाइल का भी इस्तेमाल नहीं करते। फिर फिर भी एसटीएफ व पुलिस को बदमाशों के सटीक ठिकाने की जानकारी हो गई।
अचानक बबलू को लेकर पुलिस महकमे में बढ़ी थी सक्रियता
बबलू को लेकर जिले की पुलिस पांच दिनों से सक्रिय थी। कोतवाली से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक उसके ऊपर दर्ज मुकदमे की खोजबीन की जा रही थी। नगर कोतवाली में उसके खिलाफ हत्या-लूट का मुकदमा दर्ज है। नगर कोतवाल ने बताया कि उसके ऊपर इनाम एक लाख रुपये करने के लिए हाल में ही अधिकारियों को पत्र भी भेजा गया था।
एसटीएफ के दो सिपाहियों को भी गोली लगने का दावा
रानीगंज थाना क्षेत्र के चौहरजन व श्रीपुर के जंगल में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए छैमार गैंग के 50 हजार के इनामी बदमाश बबलू को दो गोलियां लगी थीं। कनपटी व सीने को पारकर बुलेट निकल गई थी।
बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान सीओ एसटीएफ के बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगी और एसटीएफ के दो सिपाहियों को गोली लगने का दावा किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि वह सहारनपुर में पेशी के दौरान भाग निकला था। हत्या के नौ मामलों में वांछित चल रहा था।
एसटीएफ नोएडा के सीओ विनोद सिरोही व निरीक्षक सचिन कुमार का दावा है कि घूमंतू जाति के छैमार गैंग के कई सदस्यों के मंगलवार को प्रतापगढ़ में मौजूदगी की सूचना मिली थी। उनकी लोकेशन मिलने के बाद रानीगंज पुलिस के सहयोग से चौहरजन पुल के करीब श्रीपुर के पास बाग में पांच बदमाशों के होने की सूचना पर टीम ने घेराबंदी की थी।
बदमाशों को सरेंडर करने के लिए कहा गया, लेकिन वे पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने लगे। बदमाशों की फायरिंग में एसटीएफ के मुख्य आरक्षी साहब सिंह के पेट व आरक्षी रवि कुमार के हाथ में गोली लगी। सीओ एसटीएफ विनोद सिरोही की बुलेट प्रूफ जैकेट में भी गोली लगी। जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाई थीं। जिसमें 50 हजार के इनामी बदमाश बबलू उर्फ पतला उर्फ साजिद उर्फ सलीम पुत्र भूरा उर्फ दीन मोहम्मद निवासी कसाई टोला, कोतवाली कन्नौज की कनपटी और सीने में दो गोलियां लगीं। उसे अस्पताल लाया गया था। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के दौरान चार बदमाश भाग निकले।
सीओ की तहरीर पर रानीगंज थाने में एनकाउंटर में मारे गए बबलू व फरार चार बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। बुधवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचायतनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सूत्रों की मानें तो बदमाश बबलू के सीने व कनपटी में लगी गोली पार हो गई थी। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी होती रही।
सीओ एसटीएफ ने बताया कि मृतक अपराधी बबलू का एक संगठित गिरोह है। उसके ऊपर हत्या के नौ मुकदमे दर्ज हैं। नगर कोतवाली के सगरा में हरीलाल समेत तीन लोगों की हत्या कर बबलू समेत अन्य बदमाशों ने लूटपाट की थी। उसके ऊपर नगर कोतवाली पुलिस ने 50 हजार का इनाम रखा था। वर्ष 1998 में वह सहारनपुर पेशी के दौरान अपने पांच साथियों के साथ प्रिजन वैन की छत काटकर भाग निकला था।
मौके पर पहुंचे एडीजी सुजीत पांडेय ने पुलिस टीम को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की। पोस्टमार्टम के बाद शव को मर्चरी में ही रखवा दिया गया है। नगर कोतवाल ने बताया कि परिजनों के आने का इंतजार किया जा रहा है।
21 साल से थी पुलिस को बबलू की तलाश
छैमर गैंग के सरगना बबलू उर्फ साजिद की तलाश में एसटीएफ व पुलिस 21 साल से खाक छान रही थी, लेकिन वह हाथ नहीं लग रहा था। जबकि उसके पास से सुलतानपुर जनपद का एक वारंट मिला। इससे साफ होता है कि पुलिस ने सम्मन को तामील कराया रहा होगा।
कच्छा-बनियान गिरोह के बदमाश अब असलहों का प्रयोग करने लगे हैं। नगर कोतवाली के सगरा में 2003 में हुइ्र्र घटना के संदर्भ में कच्छा-बनियान गिरोह द्वारा गोली चलाने जाने की बात मिस प्रिंट की वजह से आई गई होगी। एनकाउंटर में मारे गए बदमाश का पता मिल गया है। उसके तीन पते थे।
अभिषेक सिंह, एसपी।