जमीन के विवाद में बेलखरनाथ धाम ब्लाक प्रमुख सुशील सिंह पर जानलेवा हमला कर वाहनों में तोड़फोड़ करने के मामले में पुलिस ने नामजद सपा नेता व कारोबारी समेत पांच आरोपियों को जेल भेज दिया। जिससे आक्रोशित व्यापारियों ने चौक कस्बे की दुकानें बंद कर विरोध जताया। तनाव को देखते बाजार में पुलिस लगातार भ्रमण करती रही।
पट्टी कस्बे के चमन चौक पर खाली पड़ी एक जमीन को लेकर बाबा बेलखरनाथ धाम के ब्लाक प्रमुख सुशील सिंह व सपा व्यापार प्रकोष्ठ के विधानसभा अध्यक्ष सुरेश जायसवाल, उनके चाचा रामलाल जायसवाल से विवाद चला आ रहा है। शनिवार की शाम ब्लाक प्रमुख अपने समर्थकों के साथ अपने घर रामकोला जा रहे थे। वह विवादित जमीन पर रुक गए। कहासुनी के दौरान उन पर पथराव होने लगा। वह जान बचाने के लिए गाड़ी से उतरकर भागे। लोगों ने उनके वाहन समेत अन्य वाहनों में पथराव कर तोड़फोड़ की। पथराव में उनके साथियों को चोटें भी आईं।
प्रमुख की तहरीर पर पुलिस ने रात में ही मुकदमा दर्ज कर सपा नेता सुरेश जायसवाल समेत पांच लोगों को दबोच लिया। बवाल की आशंका को देखते हुए रात में ही मेडिकल कराकर सभी को अंजान स्थान पर भेजा गया। रविवार की सुबह पुलिस द्वारा एकतरफा कार्रवाई से आक्रोशित सपा नेता व व्यापारी के परिवार की महिलाओं ने कारोबारियों से समर्थन मांगा।
देखते ही देखते कस्बा चौक इलाके के दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर विरोध जताया। जिसके बाद बाजार का माहौल तनावपूर्ण हो गया। मामले की जानकारी के बाद पुलिस लाइन से अतिरिक्त फोर्स भेजी गई। पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कारोबारी रामलाल जायसवाल, सुरेश जायसवाल, मनीष जायसवाल, अनीस जायसवाल, वीरेंद्र जायसवाल को जेल भेज दिया।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ था पथराव
विवादित जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद के दौरान पुलिसकर्मी भी पहुंच गए। मगर बेखौफ लोग पुलिस की मौजूदगी में पथराव करते रहे। मकान के ऊपर से पत्थर फेंककर वाहनों में तोड़फोड़ की जाती रही। पुलिसकर्मी खुद को बचाव करते नजर आए।
कोतवाली में धरने पर बैठी महिलाओं को जबरन भगाया
मारपीट व बवाल के बाद पुलिस द्वारा सपा नेता समेत परिवार के लोगों को गिरफ्तार कर कोतवाली लाया गया। रामलाल ने भी पुलिस को तहरीर देते हुए ब्लाक प्रमुख व उनके समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद रात करीब दस बजे कारोबारी के घर की महिलाएं कोतवाली पहुंचकर धरने पर बैठ गईं। जानकारी के बाद पहुंची पुलिस ने सभी को डांटकर भगाया।