जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने दुकानदार को एक माह के भीतर परिवादी को अधिकतम विक्रय मूल्य से अधिक लिए गए सौ रुपये देने का आदेश दिया है। साथ ही आयोग ने वाद व्यय के रूप में पांच सौ रुपये नौ फीसदी वार्षिक साधारण ब्याज दर से परिवादी को देने का आदेश दिया।
कुंडा तहसील के खानकाह गांव निवासी मो़ हुसैन ने दुकानदार के विरुद्ध आयोग में परिवाद प्रस्तुत किया था। परिवादी हुसैन ने बताया कि 24 जुलाई 2015 को उसने मोबाइल खरीदा था। मोबाइल की कीमत पांच सौ रुपये थी लेकिन दुकानदार ने 600 रुपये का बिल दिया। इस पर हुसैन ने मोबाइल वापस करने के लिए कहा तो दुकानदार ने मना कर दिया। जिस कारण उन्हें 600 रुपये देने पड़े। परिवादी ने आयोग में वाद दायर किया। दोनों पक्षाें की बहस को सुनकर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग अध्यक्ष यशवंत कुमार मिश्र, महिला सदस्य ममता गुप्ता व सामान्य सदस्य सहसराम पांडेय ने दुकानदार को आदेश दिया कि वह परिवादी को अधिकतम विक्रय मूल्य से अधिक लिए गए 100 रुपये और वाद व्यय के पांच सौ रुपये नौ फीसदी वार्षिक साधारण ब्याज की दर से अदा करे।