मेडिकल कॉलेज के पानी टंकी की मोटर जलने के कारण तीसरे दिन भी वार्डों में जलापूर्ति नहीं हो सकी। इससे दो से पांच तल पर भर्ती मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज के प्रत्येक वार्ड तक पानी पहुंचाने के लिए पानी की टंकी तैयार की गई है। शुक्रवार को पानी टंकी की मोटर बिजली के ट्रिपलिंग के चलते जल गया। इससे पानी की आपूर्ति वार्डों तक नहीं हो रही है। इसका खामियाजा मरीजों के साथ ही तीमारदारों और मेडिकल कॉलेज में बने आवास में रहने वाले डॉक्टर व स्टाफ नर्स भुगत रहे हैं। दिनचर्या के लिए परेशान हो रहे हैं। सुबह नींद खुलने के बाद सुलभ कॉम्प्लेक्स खोज रहे हैं। वहीं वार्ड में भर्ती मरीज परेशान हो रहे हैं। तीमारदार बाजार से बोतल बंद पानी खरीदकर प्यास बुझा रहे हैं। सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा के सूचना पर लखनऊ से मैकेनिक भी आए हैं। मोटर को बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
तीन दिन पहले हॉर्निया का ऑपरेशन कराया। परिवार के सदस्य आज घर चले गए हैं। शौचालय में पानी नहीं है। इस लिए टैंकर से पानी लेकर वार्ड में बने शौचालय में जा रहा हूं।
रजनीश तिवारी, दादूपुर रानीगंज।
साथ में काम करने वाले एक सहयोगी को सर्प ने काट लिया है। वार्ड से लेकर अस्पताल परिसर में लगी टोटियां सूखी पड़ी हैं। गर्मी के कारण बारबार प्यास लग रही है। टैंकर धूप में खड़ा है। पानी खौल रहा है। बोतल बंद पानी खरीदने जा रही हूं।
राजमती, सुखपाल नगर।
प्रयास है कि मंगलवार सुबह वार्डों में पानी की आपूर्ति कर दी जाए। जले मोटर को बदलने का कार्य मकैनिक कर रहे हैं।
- डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा, सीएमएस मेडिकल कॉलेज।