स्जिले के शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराने के लिए शासन ने 25 प्रतिशत अनुदान पर बैंकों से ऋण मुहैया कराने की पहल की है। इच्छुक युवाओं को खुला न्यौता दिया गया है। जिससे वह बैंकों की मदद से स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ कर सकते हैं।
बेरोजगारों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शासन ने अब युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए अनुदान पर ऋण मुहैया कराने की तैयारी की है। जिले में एक जनपद, एक उत्पाद और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत अधिकाधिक युवाओं को योजना से लाभान्वित करने को कहा गया है। दोनों ही योजनाओं में 10 से 25 लाख रुपये तक का ऋण बैंकों के माध्यम से मिल रहा है। बैंकों से मिलने वाले ऋण में 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
युवाओं को अनुदान देने के लिए शासन ने 3.40 करोड़ रुपये मुहैया कराए हैं। जिला उद्योग केंद्र और खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने युवाओं से खुला आवेदन मांगा है। अगर जिले के युवाओं ने स्वरोजगार के प्रति दिलचस्पी दिखाई, तो निश्चित रुप से जिले में बेरोजगारों की संख्या में कमी आ सकती है। उधर, शासन ने जितनी आसानी से अनुदान देने को तैयार है, उतना ही दुरुपयोग करने वालों से सख्ती से पेश आने को कहा है।
अफसरों को गुमराह करके कोई नहीं ले पाएगा अनुदान
जिले के अफसरों को गुमराह करके कोई भी व्यक्ति अनुदान का लाभ नहीं ले पाएगा। दरअसल, बीस लाख रुपये का ऋण लेने पर पांच लाख रुपये अनुदान मिलेंगे। मगर वह एक मुश्त नहीं होगा, बल्कि रुपये के उपयोग के अनुपात में होगा। अनुदान की राशि लाभा र्थी को न मिलकर बैंक को भेजी जाएगी। इससे अनुदान के दुरुपयोग की संभावना खत्म हो जाएगी।
एक जनपद, एक उत्पाद और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत स्वरोजगार करने वाले युवाओं को 25 प्रतिशत अनुदान पर ऋण मुहैया कराया जा रहा है। जिले में अनुदान की पर्याप्त धनराशि है। लोगों से आवेदन मांगे गए हैं। जो इच्छुक लोग हैं, उन्हें लाभ दिया जा रहा है। दिनेश चौरसिया, उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र