बिजली की खपत और ओवरलोड ट्रांसफाॅर्मर के कारण ग्रामीण अंचल के उपकेंद्रों से विद्युत आपूर्ति बेपटरी हो गई है। वहीं शहर में बिजली की आवाजाही से उपभोक्ता परेशान हैं। ग्रामीण अंचल के रानीगंज अजगरा, पहाड़पुर, हीरांगज समेत अधिकांश विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े गांवों में रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति नहीं की जा रही है, जिससे एक लाख की आबादी आधी रात तक बिजली कटौती से जूझ रही है। उसमें भी हर 10 से 15 मिनट में आपूर्ति बाधित होने से उपभोक्ताओं की नींद उड़ गई है।
गर्मी में एसी और निजी नलकूपों के चलने से शहरी क्षेत्र में विद्युत तार गर्म होकर टूट रहे हैं। साथ ही ट्रांसफाॅर्मर भी खराब हो रहे हैं। जिस कारण शहर के कई वार्डों में बिजली गुल हो रही है। वहीं रानीगंज अजगरा उपकेंद्र से जुड़े गांवों में पांच से छह घंटे आपूर्ति हो रही है। पहाड़पुर उपकेंद्र के 30 से अधिक गांव बिजली कटौती से हैरान हैं। हीरागंज उपकेंद्र से जुड़े गांवों में सप्ताह भर से सात से आठ घंटे ही आपूर्ति हो रही है। पट्टी, कुंडा समेत अन्य उपकेंद्रों से आपूर्ति रोस्टर के मुताबिक नहीं दी जा रही है।
जिले में 150 मिलियन यूनिट खपत बढ़ गई है। एसी और निजी नलकूप चलने से शहर और गांवों में ओवरलोड बढ़ने से आपूर्ति बाधित हो रही है। विभागीय अधिकारियों को रोस्टर के अनुसार आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं।
- सत्यपाल, अधीक्षण अभियंता, बिजली विभाग
विधायक डॉ़ आरके वर्मा ने उठाया विधानसभा में बदहाल बिजली का मुद्दा
रानीगंज विधायक डॉ़ आरके वर्मा ने बदहाल बिजली व्यवस्था का मुद्दा विधानसभा में नियम 56 के तहत उठाया। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 20 घंटे और ग्रामीण अंचल में 18 घंटे आपूर्ति करने का निर्देश सरकार ने दिया था। लेकिन ग्रामीण अंचल में छह से आठ घंटे, तहसील मुख्यालयों पर आठ से 10 घंटे और जिला मुख्यालयों पर 10 से 12 घंटे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। वहीं स्मार्ट मीटर तेज रीडिंग कर रहे हैं। उपभोक्ता स्वयं से मीटर रीडिंग का परीक्षण करा सकें। बिजली नहीं मिलने से किसानों की फसल बर्बाद हो रही है। उपभोक्ताओं में आक्रोश है। वहीं विजलेंस टीम उपभोक्ताओं का उत्पीड़न कर रही है। विद्युत चोरी के मामले में उपभोक्ताओं से वसूली की जा रही है।
विधानसभा में बिजली व्यवस्था का मुद्दा उठते ही मंगलवार को उप्र पावर कारपोरेशन लिमिटेड अध्यक्ष डॉ़ आशीष कुमार गोयल ने प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर ग्रामीण अंचल में 18 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 20 घंटे और जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे आपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं। वहीं कृषि फीडरों पर भी अब 18 घंटे आपूर्ति की जाएगी।