मानिकपुर में गंगा के किनारे के गांव में खेल के मैदान का निरीक्षण करते अधिकारी।
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। मुख्यमंत्री की जल यात्रा ने अधिकारियों की पद यात्रा करवा दी है। अब लगातार अधिकारियों को गांवों में देखा जा रहा है। कुंडा कालाकांकर विकास के साथ ही अन्य ब्लाकों के बीडीओ सहित टीम गांवों में पहुंचकर कार्यों का जायजा ले रही है। इसके साथ ही अधूरे कार्यों को चिन्हित कर पूरा कराने का भी काम कराया जा रहा है। इसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता भी कार्यों की जानकारी लेने पहुंच रहे हैं।
मुख्यमंत्री के आगमन की तैयार प्रशासन स्तर पर जोर शोर से हो रही है। तहसील के गंगा किनारे बसे 18 ग्राम पंचायतों में साफ सफाई, विद्यालय, खेल के मैदान, शौचालय, गोशाला, आवास सहित सारे कार्यक्रमों की समीक्षा की जा रही है। सभी 18 ग्राम पंचायतों में नोडल अधिकारी तैनात किये गए हैं। इसके साथ ही उनकी सहायता के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी गांवों का निरीक्षण करने में लगे हैं। हर गांव में कार्येां का निरीक्षण और उसे बेहतर तरीके से करने का निर्देश दिया जा रहा है।
प्राथमिक विद्यालयों में लगने वाले कैंपों और बच्चों की उपस्थिति को लेकर भी लगातार तैयारी की जा रही है। गावों में समस्याओं को लेकर चौपाल लगाने की भी व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही बच्चों को नई ड्रेस के साथ किताबें आदि की भी व्यवस्था हो रही है। गोशालाओं में गोवंशों के लिए पर्याप्त भोजन, रख रखाव का भी जायजा लिया जा रहा है।
दरअसल पांच दिन की मुख्यमंत्री जलयात्रा के दौरान 18 गावों के विकास की समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री इनमें से किसी भी गांव में रुककर कार्यों का निरीक्षण भी कर सकते हैं। इन गांवों में कुंडा और कालाकांकर विकास खंड के साथ ही संग्रामगढ़, बिहार सहित अन्य विकास खंड के बीडीओ, ग्राम पंचायत अधिकारी सहित जेई आदि को भी लगाया गया है। कार्यों का जायजा लेने के लिए समय-समय पर भाजपा के वरिष्ठ नेता भी गांवों में पहुंच रहे हैं।