बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों को ई- पॉस मशीन के माध्यम से पोषाहार का वितरण किया जाएगा। इस व्यवस्था से पोषाहार कम मिलने और न मिलने की शिकायतों पर अंकुश लगेगा। जिले में 99 फीसदी लाभार्थियों का डाटा आधार प्रमाणीकरण हो चुका है। अब जल्द ही विभाग ई -पॉस मशीनों को मुहैया कराने जा रहा है।
जिले में 3,256 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन केंद्रों पर 2,53,432 लाभार्थी नामांकित हैं। जिले में सात माह से तीन वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती, धात्री महिलाओं को हर माह पोषाहार का वितरण किया जाता है। अभी तक रजिस्टर में दस्तखत कराकर लाभार्थियों को पोषाहार दिया जाता था। घपला करने वाले एक माह का वितरण कर दो माह का वितरण दिखा देते थे। अब लाभार्थियों को आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से ही पुष्टाहार का वितरण किया जाएगा। शासन ने एक अक्तूबर से यह योजना लागू करने को कहा था, मगर अभी तक जिले में ई-पाॅस मशीन की खरीद नहीं होने से थोड़ा वक्त लग सकता है।
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ई पॉस मशीन से पुष्टाहार वितरण होने से निगरानी करने में मदद मिलेगी। लाभार्थियाें को कम राशन मिलने व राशन प्राप्त न होने की शिकायतें दूर होंगी। प्रत्येक लाभार्थी को आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से ही पोषाहार का वितरण होगा। - ज्योति शाक्य , जिला कार्यक्रम अधिकारी