डिजिटल फाॅर्मर रजिस्ट्री किसानों और अधिकारियों के लिए सिरदर्द बन गई है। सर्वर की परेशानी से फाॅर्मर रजिस्ट्री की गति तेज नहीं हो पा रही है। कृषि विभाग के साथ ही राजस्व और पंचायत विभाग के कर्मचारी दिन-रात किसानों का पंजीकरण करने में जुटे हैं।
कृषि निदेशक डॉ. जितेंद्र कुमार तोमर ने सर्वर न चलने की दशा में सभी जनसेवा केंद्र (सीएससी) को आदेशित किया है कि वह रात में भी केंद्र खुला रखें। जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले किसानों की संख्या 7,34,337 है।
इनमें से अभी तक 78,776 किसानों की फाॅर्मर रजिस्ट्री ही हो सकी है। इनमेंं से सीएससी द्वारा 50,083, सहायक द्वारा 3,960, स्वयं किसानों द्वारा 20,425 तथा कैंप के जरिए 4308 किसानों की फाॅर्मर रजिस्ट्री ही बन सकी है। धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी संजीव रंजन ने नाराजगी जताई है।
फाॅर्मर रजिस्ट्री 31 जनवरी 2025 तक ही की जाएगी। उपकृषि निदेशक विनोद कुमार यादव ने बताया कि दिन में सर्वर न चलने की वजह से किसानों की फाॅर्मर रजिस्ट्री का कार्य जोर नहीं पकड़ रहा है। रात में ही सर्वर चलता है। इस वजह से जिले के सभी सीएससी संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे रात में भी केंद्र खुले रखें और फाॅर्मर रजिस्ट्री का कार्य समय से पूरा करें।